मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि पश्चिमी हवाओं का असर हिमाचल में भी रहा। इससे आर्र्दता 75 फीसदी तक पहुंच गई। सतह के पास कम तापमान होना भी इसका कारण रहा।
इसी कारण विजिविलिटी भी कम रही। शिमला, धर्मशाला और हमीरपुर समेत प्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। उधर, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शुक्रवार से रविवार तक प्रदेश में भारी बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
पूरे प्रदेश में 20 जून तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। वीरवार को ऊना में अधिकतम तापमान 41.2, हमीरपुर में 37.3, कांगड़ा में 38.1, भुंतर में 36.2, सुंदरनगर में 35.9, चंबा में 36.7, सोलन में 31.5, नाहन में 33.7, शिमला में 27.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
वीरवार शाम बारिश, तूफान और भूस्खलन से तीन नेशनल हाईवे बंद रहे। मनाली-चंडीगढ़ एनएच वीरवार दोपहर साढ़े चार बजे के बाद चट्टानें और मलबा गिरने से बाधित हो गया है। दवाड़ा से लेकर हनोगी मंदिर तक पांच किमी के क्षेत्र में चट्टानें गिर रही हैं।
प्रशासन ने खतरे को देखते हुए अलर्ट जारी कर एनएच पर यातायात पूरी तरह से रोककर ट्रैफिक डायवर्ट किया है। हमीरपुर के अवाहदेवी में एनएच-70 पर पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही बाधित हुई। उधर, कुल्लू-आनी हाईवे भी बंद हो गया है।