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किन्नौर के चेरंग में फटा बादल, 250 मीटर मार्ग, कलवर्ट और पुल बहा

Wed, 12 Aug 2020 06:35 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, सांगला (किन्नौर)
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- फोटो : अमर उजाला
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जनजातीय जिले किन्नौर के पूह खंड की रिस्पा पंचायत की चेरंग खड्ड में मंगलवार रात करीब 12 बजे पहाड़ी में बादल फटने से बाढ़ आ गई। तेज बहाव में होल्डो खड्ड पर बने 100 फीट लंबे चार कलवर्ट और पुल बह जाने से रिस्पा पंचायत का संपर्क दुनिया से कट गया है। यहां की करीब एक हजार की आबादी अब झूला पुल के सहारे है।

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बाढ़ की चपेट में आने से करीब ढाई सौ मीटर मुख्य सड़क भी टूट गई है। इससे वहां लोगों की तैयार मटर फसल फंस गई है। इसके अलावा चेरंग कंडा, चेरंग खड्ड से रिस्पा नहर, होल्डो नहर, होल्डो क्षेत्र और आकपा के लिए बनी आईपीएच विभाग की दो पेयजल लाइनों को क्षति पहुंची है। खड्ड में बढ़े जलस्तर से भूमि कटाव हो रहा है, जिसके चलते करीब आधा दर्जन बागवानों के सेब बगीचे भी तबाह हो सकते हैं। 

चेरंग खड्ड के प्रलयकारी बाढ़ का मंजर इतना भयानक था कि राष्ट्रीय उच्च मार्ग-पांच पर स्कीबा-आकपा के पास लगा करीब 30 मीटर निजी कंपनी का पुल भी बह गया है। शिमला, रामपुर, ज्यूरी और जिला मुख्यालय रिकांगपिओ की तरफ से पूह, काजा और स्पीति के लिए बड़े वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है। बड़े वाहनों के लिए दो दर्जन पंचायतों का संपर्क कट गया है। आकपा के लकड़ी पुल से छोटे वाहनों की आवाजाही करवाई जा रही है।
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घटना की सूचना मिलते ही एडीएम पूह अश्वनी कुमार और विधायक जगत सिंह नेगी ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और बाढ़ प्रभावित लोगों से मिले। रिस्पा पंचायत प्रधान विनोद कुमारी नेगी, उपप्रधान विजय कुमार नेगी ने सरकार और जिला प्रशासन से जल्द पंचायत को सड़क सुविधा से जोड़ने की मांग की है। उन्होंने सिंचाई, पेयजल लाइनों और स्कीबा-आकपा सतलुज नदी पर पुल का जल्द निर्माण करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से सेना की रसद भी सीमावर्ती इलाकों की चेकपोस्ट तक भेजी जाती है। उधर, एडीएम पूह अश्वनी कुमार ने कहा कि बाढ़ से करीब दो करोड़ के नुकसान का अनुमान है। जल्द सड़क, पेयजल और सिंचाई सुविधा बहाल कर दी जाएगी।
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नाथपा डैम से छोड़ा जा रहा पानी, न जाएं सतलुज किनारे
एसडीएम रामपुर सुरेंद्र मोहन ने बताया कि नाथपा डैम से 1500 क्यूसिक दर से पानी छोड़ा जा रहा है। इसलिए लोग सतलुज नदी के किनारे न जाएं।

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