विभाग ने 26 अगस्त तक प्रदेश में मौसम खराब बने रहने का पूर्वानुमान जताया है। कांगड़ा जिले में दो दिनों की लगातार बारिश के बाद वीरवार को मौसम साफ रहा। जिला मुख्यालय धर्मशाला में पूर्वाह्न हल्की बूंदाबांदी और धुंध देखने को मिली। लोक निर्माण विभाग के पालमपुर और नूरपुर मंडलों में सभी सड़कें बहाल हो चुकी हैं, जबकि देहरा सर्किल में अभी चार सड़कें बंद हैं। जल शक्ति विभाग की 10 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। वहीं ज्वालामुखी के खुंडियां क्षेत्र में 40 ट्रांसफार्मर बंद होने से कई इलाकों में बुधवार सुबह से बिजली आपूर्ति बाधित है।
कुल्लू जिले में सुबह हल्की बारिश के बाद मौसम साफ हो गया। जिले में 43 सड़कें बंद होने से बागवानों की चिंता बढ़ गई है। भूस्खलन के कारण कई मार्ग बार-बार अवरुद्ध हो रहे हैं। एसकेटीटी सड़क पर स्थित जाहलमा पुल तीसरे दिन भी यातायात के लिए बंद रहा। नाले का जलस्तर बढ़ने से अस्थायी सड़क भी प्रभावित हो रही है। मंडी जिले में भी मौसम साफ रहा, लेकिन पूर्व में हुई बारिश के कारण 54 संपर्क सड़कें अभी तक बहाल नहीं हो सकी हैं। चंबा में दस सड़कें बंद हैं और पांच पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। हमीरपुर में दिनभर धूप खिली रही, लेकिन गाद जमा होने से दस पेयजल योजनाओं से पानी की आपूर्ति अभी तक सामान्य नहीं हो पाई है। जिले में सड़क और बिजली व्यवस्था पूरी तरह बहाल बताई गई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए केवल कांगड़ा जिले में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी बारिश की संभावना जताई गई है, लेकिन किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई। शनिवार को कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट रहेगा।
बारिश मिलीमीटर में
मंडी 21
सुंदरनगर 20
मनाली 10
कांगड़ा 8
नाहन 6
धर्मशाला 3