जिला कुल्लू और लाहौल के नदी-नालों का जलस्तर उफान पर है। खासकर नालों का जलस्तर एकाएक बढ़ने लगा है। वीरवार को लाहौल के उदयपुर में थिरोटनाला का जलस्तर एकाएक बढ़ गया। इससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। हालांकि बारिश होने तथा ग्लेशियरों के पिघलने से नाले में आई बाढ़ से किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। प्रशासन ने सैलानियों के साथ लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।
विज्ञापन
उधर पांगी-किलाड़ को जोड़ने वाला मार्ग भी दूसरे दिन यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाया है। उदयपुर से सात किलोमीटर दूर दारेड नाले में अचानक बाढ़ आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है। नाले से गुजरने वाली सड़क भी बह गई है। ऐसे में सीमा सड़क संगठन वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कर रहा है। कुल्लू से लाहौल तक नालों में बाढ़ से लोग सहमे हैं। कुल्लू जिले में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन से पांच सड़कें अवरुद्ध हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लाहौल-स्पीति उपायुक्त सुमित खिमटा ने कहा कि बरसात के चलते घाटी के नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। अचानक नालों में बाढ़ जैसे हालत बन रहे हैं। सुरक्षा को देखते हुए सैलानियों के साथ घाटी के लोग भी नदी-नालों और संवेदनशील इलाकों का रुख करने से बचें। सीमा सड़क संगठन के कमांडर कर्नल शबरीश वाचली ने कहा कि उदयपुर-पांगी मार्ग को बहाल करने का कार्य चल रहा है।