वर्ष 2024 में मानसून सामान्य से 18 फीसदी कमजोर रहा
पिछले साल 2025 में स्थिति इसके बिल्कुल उलट थी। तब सामान्य से 42 फीसदी अधिक बारिश हुई थी, इससे कई जिलों में भारी तबाही देखने को मिली थी। वहीं वर्ष 2024 में मानसून सामान्य से 18 फीसदी कमजोर रहा। इस बार मानसून के दौरान कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के दौर जरूर आए, लेकिन कुल मिलाकर बारिश का वितरण अपेक्षाकृत संतुलित रहा। इसी कारण पिछले वर्षों की तुलना में सड़कों, पुलों, बिजली और पेयजल योजनाओं को कम नुकसान हुआ। आपदा संबंधी घटनाओं की संख्या भी सीमित रही।
22 सितंबर तक मौसम खराब
बुधवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहा। दिनभर धूप खिलने से तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई और लोगों को लगातार बारिश से राहत मिली। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सुबह-शाम हल्की ठंडक का अहसास जरूर बना रहा, लेकिन मैदानी और मध्य पर्वतीय इलाकों में दिन के समय गर्मी बढ़ी । प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में गुरुवार को भी बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 22 सितंबर तक प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है, लेकिन व्यापक और भारी वर्षा के आसार फिलहाल नहीं हैं।
चंबा और ऊना में छूटे पसीने, धर्मशाला में बरसे मेघ
जिला कांगड़ा के मैदानी इलाकों में दिनभर धूप खिली रही। धर्मशाला में दोपहर बाद मौसम खराब रहा और कुछ समय के लिए तेज बारिश हुई और उसके बाद फिर धूप खिली रही। चंबा में तेज धूप ने लोगों के पसीने निकाल दिए। कुल्लू में मौसम अनुकूल रहने से लोगों को राहत मिली है। सेब के साथ अनार और जापानी फल बड़ी मात्रा में मंडी में पहुंच रहा है। हमीरपुर में मौसम सामान्य बना रहा। ऊना और मंडी में भी मौसम साफ रहा।
अधिकतम तापमान
ऊना 33.2
मंडी 32.6
बिलासपुर 32.0
कांगड़ा 30.9
चंबा 29.0
नाहन 28.9
धर्मशाला 28.0
सोलन 28.0
मनाली 24.5
शिमला 24.0