मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के पांच जिलों चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला के लिए गुरुवार और शुक्रवार को ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज बारिश, अंधड़, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। अन्य जिलों में भी कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। कुछ स्थानों पर 40 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से प्रदेश में 23 जून तक मौसम के खराब बने रहने के आसार हैं। इस दौरान मध्यम से भारी बारिश, तेज हवाएं और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है। बीते कुछ दिनों से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हो रही बारिश के चलते अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में भी तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है और प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने की संभावना है। अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान धीरे-धीरे 2-3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इसके बाद, कई हिस्सों में 2-3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून के 25 जून 2026 तक हिमाचल में दस्तक देने की प्रबल संभावना है। यह अनुमान सामान्य मानसून आगमन की तारीख के करीब है, जिससे राज्य में सामान्य से अधिक बारिश होने की उम्मीद जताई जा रही है। मानसून के मुख्य आगमन से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में बीते एक सप्ताह से प्री मानसून की बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी है। 11 जून से ही कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश की शुरुआत हो गई, जिससे गर्मी से कुछ राहत मिली है।
वहीं कुल्लू जिले की ऊझी घाटी हलाण-2 पंचायत से सटे गढ़ क्षेत्र में आसमानी बिजली गिरने से 24 भेड़ों की माैत हो गई है। वहीं घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। स्थानीय निवासी राजेश ने बताया कि मृत भेड़ें गांव के पांच लोगों की बताई जा रही हैं। घटना से पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना मंगलवार शाम की बताई जा रही है। एसपी कुल्लू मदन लाल ने बताया कि अभी तक पुलिस के पास इस संबंध में कोई शिकायत नहीं पहुंची है।
प्री-मानसून की बारिश ने जिले के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को कुल्लू, बंजार, आनी-निरमंड और लाहौल सहित कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। वहीं, बाह्य सराज की रघुपुर घाटी में शैलीनाला का जलस्तर बढ़ने से राणाबाग-कांडीबाग-लोट सड़क का एक हिस्सा बह गया। इस दौरान मार्ग से गुजर रही कई छोटी गाड़ियां बीच रास्ते में फंस गईं, जिन्हें स्थानीय लोगों ने धक्का लगाकर सुरक्षित निकाला। सड़क क्षतिग्रस्त होने से निगम की बस सेवा भी प्रभावित हो गई है। सड़क बंद होने के कारण फनौटी और करशैईगाड़ पंचायतों के ग्रामीणों को अब बस तक पहुंचने के लिए डेढ़ से दो किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ेगा। स्थानीय निवासी सनी कुमार, टेक सिंह, राम लाल और निका राम ने बताया कि क्षेत्र में दो दिन से लगातार बारिश हो रही है। लोक निर्माण विभाग ने हाल ही में सड़क की टारिंग करवाई थी लेकिन पहली ही तेज बारिश में सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। उधर, लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता मनीष कुमार ने कहा कि सड़क की मरम्मत कर जल्द बस सेवा बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।