फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal Weather: हिमाचल में लगातार एक सप्ताह बरसेंगे बादल, तीन जिलों के लिए 6 जुलाई को रेड अलर्ट

Fri, 04 Jul 2025 06:09 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

5 से 9 जुलाई  के दौरान निचले पहाड़ी-मैदानी इलाकों, मध्य पहाड़ी और आसपास के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है।  कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
विज्ञापन
हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट, शिमला में छाई धुंध। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश में 5 से 9 जुलाई  के दौरान निचले पहाड़ी-मैदानी इलाकों, मध्य पहाड़ी और आसपास के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। माैसम विभाग ने पहले तीन जिलों में  6 जुलाई के लिए रेड अलर्ट किया गया था। फिर 10 जिलों और  अब फिर से संशोधित कर तीन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। बारिश की अधिकतम तीव्रता 6 और 7 जुलाई को होगी। 6 जुलाई की दोपहर से 7 जुलाई की दोपहर तक निचले पहाड़ी/मैदानी इलाकों और आसपास के मध्य पहाड़ी इलाकों में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश की भी संभावना है। वहीं  राज्य में शुक्रवार सुबह 10:00 बजे तक 280 सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए बाधित थीं। इसके अतिरिक्त 332 बिजली ट्रांसफार्मर व 784 जल आपूर्ति स्कीमें भी प्रभावित हैं। सबसे अधिक156 सड़कें मंडी जिले में ठप हैं। सिरमाैर 49, कुल्लू 36 व शिमला में 19 सड़कें प्रभावित हैं।

विज्ञापन


इन जिलों के लिए अलर्ट
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 4, 9 व 10 जुलाई को भारी बारिश का येलो अलर्ट है। जबकि 5, 7 व 8 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बीते 24 घंटों के दाैरान अगाहर में  71.4, घाघस 38.6, सराहन 36.5, शिमला 36.4, नगरोटा सूरियां 31.4, कंडाघाट 31.0, नेरी 29.5, करसोग 27.4, मुरारी देवी 24.4, कांगड़ा 22.7 व पालमपुर में 21.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
5 जुलाई: कांगड़ा, मंडी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, चंबा, सिरमौर, शिमला और कुल्लू में भारी वर्षा होने की संभावना है।(ऑरेंज अलर्ट)
6 जुलाई: कांगड़ा, सिरमौर में अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी से लेकर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।(रेड अलर्ट)
7 जुलाई: ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, सोलन, शिमला और कुल्लू जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
 8 जुलाई: ऊना, बिलासपुर, मंडी, शिमला और सिरमौर, हमीरपुर, कांगड़ा, चंबा, सोलन और कुल्लू जिलों में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट



माैसम विभाग की पहले जारी रिपोर्ट

विभाग की ताजा संशोधित रिपोर्ट



 

बादल फटने के बाद 55 अभी भी लापता
 30 जून की रात को बरसी आफत से मंडी जिले में ही अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 55 लापता हैं। लापता लोगों की तलाश, राहत व बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें जुटी हैं। सराज घाटी की करीब 80 हजार आबादी सोमवार रात को आई भारी आपदा से जूझ रही है। वहीं इस मानसून सीजन में 26 जून से 4 जुलाई तक प्रदेश में बादल फटने, बाढ़ व भूस्खलन से 69 लोगों की जान गई। 110 लोग घायल हुए हैं।  विभिन्न विभागों को अब तक 49,582.21 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। सड़क हादसों में 26 लोगों की माैत हुई है।

डयोड के पास पहाड़ी से अचानक गिरे पत्थर, लोगों ने भागकर बचाई जान
वहीं मंडी जिले के पंडोह के डयोड में राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया।  स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह से ही पहाड़ी से पत्थर गिरने का सिलसिला जारी है। इससे हाईवे पर दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। लोग परेशान होकर सुरक्षित स्थानों पर रुकने को मजबूर हैं। प्रशासन और एनएचएआई की टीमें मौके पर हैं और मार्ग को बहाल करने के प्रयास जारी हैं। हालांकि पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिरने के चलते काम में बाधा आ रही है। गाड़ियों को नौ मील और औट की तरफ रोका गया है।  पंडोह चौकी से एएसआई अनिल कटोच ने बताया कि  वाहनों को सुरक्षित जगह रोका है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

 परवाणू में अचानक धंसी सड़क,  खड्ड में गिरी किनारे खड़ी कार, दो घायल
 औद्योगिक क्षेत्र परवाणू के कामली में सड़क धंसने से गाड़ी खड्ड में जा गिरी। हादसे में दो व्यक्तियों को चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि चालक ने शौचालय जाने के लिए गाड़ी सड़क किनारे खड़ी की थी। इतने में सड़क का किनारा धंस गया। इससे गाड़ी अचानक 150 से 200 फीट नीचे खड्ड में जा गिरी।

लोगों को दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह
भारी बारिश का रेड व ऑरेंज अलर्ट जारी होने के बाद विभाग ने स्थानीय लोगों, पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। 
  • कमजोर क्षेत्रों और उन क्षेत्रों में जाने से बचें जहां अक्सर जलभराव की समस्या होती है।
  • जलाशयों के पास जाने से बचें।
  • ट्रैकिंग से बचें।
  • बाहरी गतिविधियों को सीमित करें और अनावश्यक यात्रा न करें।
  • कमजोर संरचनाओं से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
  • मौसम की जानकारी से अपडेट रहें।
  • राज्य सरकार के अधिकारियों की किसी भी ट्रैफिक सलाह का पालन करें। राज्य सरकार के सलाह/दिशानिर्देशों का पालन करें।
विज्ञापन

 नदियों-नालों से दूर रहने की सलाह: डीसी मंडी
6 जुलाई को रेड अलर्ट को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त मंडी अपूर्व देवगन ने नागरिकों से अत्यंत सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि लोग अनावश्यक रूप से नदियों, नालों, और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के समीप न जाएं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी प्रशासनिक अधिकारी या कंट्रोल रूम से संपर्क करें। उन्होंने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से आग्रह किया है कि वे यात्रा से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जिला प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें