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Himachal Weather: हिमाचल में 100 से अधिक सड़कें ठप, जानें 14 अगस्त तक का मौसम पूर्वानुमान

Tue, 08 Aug 2023 07:56 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

प्रदेश में जगह-जगह भूस्खलन के चलते 100 से अधिक सड़कें अभी भी यातायात के लिए ठप हैं। शिमला जिले में सबसे अधिक 70, कुल्लू 51 व मंडी जिले में 40 सड़कें ठप हैं।
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मंडी-पठानकोट हाईवे पर गिरा पेड़। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में जगह-जगह भूस्खलन के चलते 100 से अधिक सड़कें अभी भी यातायात के लिए ठप हैं। मंगलवार शाम तक राज्य में करीब 171 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं। उधर, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य के कई भागों में 14 अगस्त तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। हालांकि इस दौरान बारिश को लेकर किसी तरह अलर्ट जारी नहीं हुआ है। शिमला व आसपास भागों में मंगलवार को धूप खिलने के साथ हल्के बादल भी छाए रहे। धर्मशाला में 48.0 और पंडोह में 32.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।

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सुकाबाग में तीन घंटे बंद रहा मंडी-पठानकोट एनएच
मंडी-पठानकोट एनएच पर जोगिंद्रनगर के सुकाबाग में मंगलवार सुबह करीब 5:00 बजे एक पेड़ गिरने से तीन घंटे मार्ग पर बड़े वाहनों की आवाजाही ठप रही। हालांकि कुछ समय के बाद छोटे दोपहिया वाहनों को इससे गुजरने दिया गया। बाद में पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद मार्ग को यातायात के लिए बहाल करवाया। सुबह का समय होने के चलते इस दौरान कई लंबे रूट की बसें, कई राज्यों के लोगों के वाहन और स्थानीय कारोबारियों के वाहनों सहित अन्य जरूरी सेवा में लगे वाहन फंस गए और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद जाम से बहाल हो पाए।

मार्ग के दोनों तरफ लंबा जाम लगने से यात्रियों को काफी असुविधा हुई। एनएचएआई के तकनीकी सहायक साहिल जोशी ने बताया कि मंडी-पठानकोट हाईवे पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित होने की जैसे ही जानकारी उन्हें मिली मौके पर जेसीबी मशीन भेज दी थी। एसडीएम कृष्ण कुमार शर्मा ने बताया कि सुकाबाग में सड़क पर पेड़ गिरने से हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है।
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मानसून सीजन में अब तक 221 लोगों की गई जान
इस बार मानसून में 24 जून से 8 अगस्त तक प्रदेश में 6717.15 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है। 221 लोगों की जान गई है। 265 लोग जख्मी हुए हैं। बाढ़ से 913 मकान ढह गए, जबकि 7623 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस दौरान भूस्खलन की 81 और अचानक बाढ़ की 53 घटनाएं सामने आई हैं। इसके अलावा 266  दुकानें व 2498 गोशालाओं को भी नुकसान पहुंचा हुआ है।

न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 16.5, सुंदरनगर 22.0, भुंतर 20.6, कल्पा 14.5, धर्मशाला 19.2, ऊना 24.2, नाहन 23.2, केलांग 10.9, पालमपुर 19.0, सोलन 20.6, मनाली 16.9, कांगड़ा 23.5, मंडी 21.8, बिलासपुर 24.6, चंबा 22.0, डलहौजी 16.4, जुब्बड़हट्टी 19.5, कुफरी 14.0, कुकुमसेरी 11.8, नारकंडा 12.7, भरमौर 13.0, रिकांगपिओ 17.2, सेऊबाग 20.2, धौलाकुआं 25.3, मशोबरा 15.7, पांवटा साहिब 26.0, सराहन 18.0 और देहरागोपीपुर में 15.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।

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मलाणा पावर प्रोजेक्ट के बांध का पानी किया जाएगा डायवर्ट

मलाणा पावर प्रोजेक्ट-दो के बांध से पानी दो सप्ताह से ओवरफ्लो है। बांध के बंद हुए गेट को खोलने के लिए एनडीआएफ भी मौके पर पहुंची। कई कोशिशें की गईं लेकिन बांध के गेट नहीं खुल सके। अब परियोजना प्रबंधन बांध के पानी को डायवर्ट करने की योजना बना रहा है। पानी को डायवर्ट करने से बांध के गेट खोलना आसान होगा।

वर्तमान में पानी का फ्लो इतना अधिक है कि बांध के बंद हुए गेट खोलने में मुश्किल हो रही है। घाटी के लोग भी दो सप्ताह से डरे हुए हैं। जिला प्रशासन ने बारिश के दौरान पार्वती नदी के किनारे रहने वाले लोगों को लाउडस्पीकर के माध्यम से हिदायत देकर नदी से दूर रहने को कहा था। मलाणा पावर प्रोजेक्ट चरण-दो के जीएम आनंद वर्मा ने कहा कि पानी को डायवर्ट किया जाएगा। 
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