ऊपरी शिमला के कई रूटों पर बस सेवाएं बाधित, पारा और गिरने की संभावना
पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकांश स्टेशनों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा और कुछ स्थानों पर यह सामान्य से काफी नीचे रहा। इसी तरह अधिकतम तापमान सामान्य से 3-4 डिग्री सेल्सियस कम रहा। अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 1-2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। कुछ स्टेशनों पर सामान्य से 2-3 डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया। 12 दिसंबर तक राज्य के मध्य और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में कहीं-कहीं जमीनी पाला पड़ने की संभावना है। उधर, बीती रात को शिमला जिले के चाैपाल के खिड़की, खड़ापत्थर व अन्य उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में फिर बर्फबारी हुई। इससे चाैपाल के लिए मंगलवार सुबह बसों की आवाजाही नहीं हो सकी। खड़ापत्थर मार्ग पर भी फिसलन से आवाजाही प्रभावित हो रही है। वाहनों चालकों को बर्फबारी वाली सड़कों पर यात्रा करते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कहां कितना न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 1.0, सुंदरनगर 0.2, भुंतर -1.4, कल्पा -5.4, धर्मशाला 3.9, ऊना 0.4, नाहन 5.9, पालमपुर 0.0, सोलन -0.6, मनाली -2.8, कांगड़ा 2.0, मंडी 1.5, बिलासपुर 3.7, हमीरपुर 0.6, चंबा 1.0, जुब्बड़हट्टी 2.1, कुफरी -2.2, कुकुमसेरी -8.1, नारकंडा -3.4, भरमाैर -1.7, रिकांगपिओ -1.8, सेऊबाग -2.5, धाैलाकुआं 3.8, बरठीं -0.7, समदो -7.9, सराहन 4.1, ताबो -12.7, देहरा गोपीपुर 5.0 व बजाैरा में -1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
बर्फबारी के बाद शिमला में गिरा अधिकतम पारा
प्रदेश में बर्फबारी के बाद अधिकतम तापमान में भी कमी दर्ज हुई। सोमवार को राजधानी शिमला में अधिकतम तापमान 10.4, धर्मशाला में 16.0, कल्पा में 2.3, समदो में 1.7, ऊना में 21.0, नाहन में 16.4, सोलन में 16.5, कांगड़ा में 19.4, मंडी में 18.6, बिलासपुर में 19.4 और हमीरपुर में 18.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
टल टनल की तरफ सिर्फ फोर बाई फोर वाहनों की आवाजाही
दो दिन मौसम खराब रहने के बाद कुल्लू और लाहौल-स्पीति में धूप खिल गई है। मनाली व केलांग के बीच सड़क में बर्फ जमने से अभी अटल टनल रोहतांग की ओर केवल फोर बाई फोर वाहनों को ही भेजा जा रहा है। अन्य वाहनों को पुलिस सोलंगनाला से आगे नहीं भेजा जा रहा। हालांकि, फोर बाई फोर वाहनों में पर्यटक भी लाहौल की वादियों में जा सकते है। सड़क पर ब्लैक आइस जमने से मनाली-लेह मार्ग में सफर जोखिम भरा बना हुआ है।