आईएमडी ने लोगों को नदी-नालों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करने को कहा है। मौसम संबंधी अलर्ट पर लगातार नजर रखने की भी सलाह दी गई है।
इसके अलावा 10 अगस्त तक किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। निचले और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम में तेजी से बदलाव संभव है, इसलिए लोग सावधानी बरतें और यात्रा से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें।