संभावित खतरे और प्रभाव
भारी बारिश के कारण संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन और कीचड़ खिसकने की आशंका है। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। सड़कों पर फिसलन बढ़ने की संभावना है, जो यातायात को बाधित कर सकती है और यात्रा को असुरक्षित बना सकती है। बिजली आपूर्ति और अन्य आवश्यक सेवाओं के भी प्रभावित होने की आशंका है।
लोगों के लिए एडवाइजरी
मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। सलाह दी गई है कि:
- खराब मौसम के दौरान नदी-नालों से दूरी बनाए रखें।
- भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें।
- ट्रेकिंग और अनावश्यक यात्राओं से परहेज करें।
- प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी की गई सलाह का पालन करें।
यह मौसमी चेतावनी स्थानीय निवासियों और पर्यटकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है, ताकि वे सुरक्षित रह सकें और किसी भी अप्रिय घटना से बच सकें।
चुराह के मिलगू जंगल में बादल फटा, वन निगम को करोड़ों के नुकसान की आशंका
चंबा जिले के चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत चरड़ा के मिलगू जंगल में शनिवार तड़के बादल फटने और मूसलाधार बारिश से वन निगम के कार्यस्थल पर भारी तबाही मच गई। घटना के समय यहां वन निगम के लॉट नंबर 17/2025-27 के तहत लकड़ी निकासी का कार्य चल रहा था। अचानक आई तेज बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में वन निगम के स्लीपर बह गए, जिससे निगम को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
घटना के समय कार्यस्थल पर करीब 25 से 30 मजदूर मौजूद थे। शुरुआती सूचना में कुछ मजदूरों से संपर्क नहीं हो पाने के कारण क्षेत्र में अफरा-तफरी और चिंता का माहौल बन गया। हालांकि बाद में सभी मजदूर सुरक्षित पाए गए और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और वन निगम के अधिकारी मौके पर सक्रिय हो गए। प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया जा रहा है तथा नुकसान का आकलन शुरू कर दिया गया है। फिलहाल अधिकारियों की ओर से नुकसान के संबंध में कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार बादल फटने के बाद अचानक आए तेज बहाव ने कार्यस्थल को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे लकड़ी के स्लीपर पानी में बह गए और कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया।