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Himachal Weather:मौसम खुलते ही बढ़ीं दुश्वारियां, भरमौर में हिमखंड गिरा; 480 सड़कें व 2001 ट्रांसफार्मर ठप

Sat, 01 Mar 2025 09:15 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला/केलांग/कुल्लू/कांगड़ा

सार

प्रदेश में तीन दिन भारी बारिश-बर्फबारी के बाद शनिवार को माैसम तो खुला लेकिन दुश्वारियां बरकरार हैं।
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हिमाचल में माैसम खुला लेकिन दुश्वारियां बरकरार। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में शनिवार को मौसम साफ होते ही दुश्वारियां बढ़ गईं। शाम तक तीन एनएच सहित 480 सड़कें और 2001 बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहे। चंबा के भरमौर में हिमखंड गिरा। हालांकि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ। बर्फबारी से लाहौल का मनाली से सड़क संपर्क कट गया है। कुल्लू में भूस्खलन की चपेट में दो मकान आ गए। प्रदेश में हिमखंड गिरने की आशंका का अलर्ट जारी हुआ है। शनिवार दोपहर और देर शाम शिमला में फिर बादल बरसे। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहा।  देश की सीमा को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे-5 निगुलसेरी के पास बर्फबारी और भूस्खलन के कारण करीब 12 स्थानों पर बाधित है।

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किन्नौर का सड़क संपर्क शनिवार को चौथे दिन भी प्रदेश के अन्य क्षेत्रों से कटा रहा। जिले में 62 सड़कें अभी भी अवरुद्ध हैं। मनाली-केलांग एनएच-3, एनएच-305 आनी-कुल्लू जलोड़ी दर्रा होकर भी बंद है। चंबा में मौसम खुलने से जगत पंचायत के घटौर नाला में हिमखंड गिरा। जनजातीय क्षेत्र पांगी में बर्फबारी से 12 मकान, एक हेल्थ उपकेंद्र, एक बीएसएनएल के टावर का पैनल क्षतिग्रस्त हुआ है। चुराह की देवीकोठी पंचायत में एक कच्चा मकान, सलूणी की लनोट पंचायत में पांच मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिला में 66 सड़कें बंद हैं। चंबा-खज्जियार मार्ग छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल हो गया है। चंबा जोत मार्ग जगह-जगह भूस्खलन के चलते बंद है। पांगी के टवान नाले पर बनी पुली के टूटने से 22 विद्यार्थी घरों में ही फंस गए हैं। इनकी वार्षिक परीक्षाएंं होनी हैं।

 
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 लाहौल-स्पीति में 165 संपर्क सड़कें और 341 बिजली ट्रांसफार्मर बंद
 लाहौल-स्पीति में 165 संपर्क सड़कें और 341 बिजली ट्रांसफार्मर बंद हैं। कुल्लू में 92 सड़कें, जबकि बिजली के 800 से अधिक ट्रांसफार्मर बंद हैं। 100 से अधिक पेयजल योजनाएं भी बहाल नहीं हो पाई हैं। जिला मुख्यालय कुल्लू के साथ लगते शास्त्रीनगर नाला ने तबाही मचा दी है। नाले के किनारे बने दो घरों का आधा हिस्सा ढह कर नाले में बह गया है, जबकि एक गिरने के कगार पर है। अटल टनल होकर केलांग-मनाली के बीच आवाजाही शनिवार को बंद रही। टेलीफोन और इंटरनेट सेवा बंद होने से दुर्गम क्षेत्रों में संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है। कुल्लू-मनाली एनएच पर रायसन में 14 मील क्षेत्र के पास पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं। पतलीकूहल-पनगां मार्ग पर भी पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। पतलीकूहल फ्लाईओवर के पास पहाड़ी से मलबा और बड़ी-बड़ी चट्टानें गिरने के चलते यातायात बाधित हो रहा है। मंडी जिले में अभी 63 संपर्क सड़कें अवरुद्ध हैं।

कहां कितनी बारिश-बर्फबारी
बीते 24 घंटों के दाैरान भुंतर में 112.2, जोत 108.8, जोगिंद्रनगर 108.0, सेऊबाग 106.0, बंजार 92.0, धर्मशाला 85.2, मनाली 82.0, बैजनाथ 78.0, पालमपुर 75.6, करसोग 68.2, रामपुर 60.0 व शिमला 25.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं खदराला में 20.0, कोठी 15.0, निचार 5.0 व जोत में 4.0 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई।

फरवरी में 31वीं सबसे अधिक, विंटर सीजन में 42वीं सबसे कम बारिश दर्ज 
हिमाचल प्रदेश में फरवरी 2025 तक 1901-2025 की अवधि के दौरान 31वीं सबसे अधिक वर्षा (124.7 मिमी) हुई है। फरवरी में सबसे अधिक बारिश वर्ष 1954 (271.8 मिमी) में हुई थी। राज्य में फरवरी 2025 के महीने में 101.8 मिमी की सामान्य वर्षा के मुकाबले 124.7 मिमी की वास्तविक बारिश दर्ज की गई। कुल मिलाकर 22 फीसदी अधिक बारिश हुई। कुल्लू और मंडी जिलों में बहुत अधिक वर्षा हुई। चंबा, कांगड़ा, शिमला, लाहौल-स्पीति और ऊना जिलों में अधिक वर्षा हुई। हमीरपुर और सिरमौर जिलों में सामान्य वर्षा हुई और सोलन, किन्नौर और बिलासपुर जिलों में कम वर्षा हुई। उधर, प्रदेश में जनवरी माह में सामान्य बारिश 85.3 मिमी के मुकाबले 13.3 मिमी वास्तविक बारिश हुई। जोकि सामान्य से  84 फीसदी कम रही। इसी तरह हिमाचल प्रदेश में 1901-2025 की अवधि में इस बार सर्दियों के मौसम(जनवरी-फरवरी) में 42वीं सबसे कम बारिश (138.0 मिमी) हुई है। सर्दियों के मौसम में सबसे कम बारिश वर्ष 1902 (33.6 मिमी) में हुई थी। 
 

भूस्खलन की चपेट में आए युवक का शव मिला
कांगड़ा, चंबा में खराब मौसम की वजह से दो लोगों की जान चली गई है। पालमपुर के जिया में शुक्रवार को भूस्खलन की चपेट में आया युवक 24 घंटे बाद मृत अवस्था में मिला। सुरजीत कुमार (21) निवासी कुडन, जिया एक निजी प्रोजेक्ट में कार्यरत था। शुक्रवार को बारिश के चलते अपने साथी के साथ प्रोजेक्ट के इनटेक गेट का पानी बंद करने पहाड़ी पर गया था। इस दौरान हुए भूस्खलन की चपेट में आकर दब गया। शनिवार को उसका शव प्रोजेक्ट के मुहाने से करीब 150 फुट दूर खड्ड में मिला। उधर, चंबा के पांगी में चार दिन पहले पेट दर्द की शिकायत को लेकर भर्ती प्रेम सिंह (58) निवासी शौर की मौत हो गई। मरीज को कुल्लू रेफर किया गया था। भारी बर्फबारी में हेलिकाप्टर सेवा ही एकमात्र सहारा था। इससे पहले कि हेलिकाप्टर की सुविधा मिल पाती, शनिवार सुबह मरीज ने किलाड़ अस्पताल में ही दम तोड़ दिया। 

न्यूनतम तापमान
शिमला में न्यूनतम तापमान 3.6, सुंदरनगर 7.0, भुंतर 4.3, धर्मशाला 4.2, ऊना 7.2, नाहन 10.1, केलांग -6.9, पालमपुर 4.0, सोलन 6.0, मनाली 0.2, कांगड़ा 7.4, मंडी 7.3, चंबा 7.6, डलहाैजी 2.4, बिलासपुर 10.6, जुब्बड़हट्टी 6.3, भरमाैर 0.9, सेऊबाग 1.5, पांवटा साहिब 13.0, सराहन 0.3 व देहरा गोपीपुर में 11.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। कुल्लू की डीसी तोरुल एस रवीश ने कहा कि कुल्लू जिले में मौसम साफ हो गया है। हम अब बहाली के काम पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। 112 लिंक रोड बंद हैं। फंसे हुए लोगों के लिए राहत कार्य किया जा रहा है। ऊपरी इलाकों में बर्फ हटाने का काम किया जा रहा है। जिले में 1646 डीटीआर बाधित हैं, और 125 जलापूर्ति योजनाएं, 6 सिंचाई योजनाएं, 2 सीवरेज और 11 एलआईए योजनाएं बाधित हैं। 
 

आने वाले दिनों में कैसा रहेगा माैसम
माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार 1 और 2 मार्च को राज्य में कुछ स्थानों पर, 4 मार्च को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश-बर्फबारी की संभावना है। 3 मार्च  को राज्य में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी के आसार हैं। इस दाैरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश-बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट है। 2 मार्च तक न्यूनतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। राज्य के कई हिस्सों में 2 मार्च तक अधिकतम तापमान में 4-6 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है और उसके बाद अगले 2-3 दिनों तक 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने के आसार हैं। 3 मार्च को मैदानी-निचले पहाड़ी और मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर ठंडा दिन रहने की संभावना है। 5 मार्च से पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है।

इन जिलों में फिर भारी बारिश-बर्फबारी के आसार
राज्य में मौसम की स्थिति पर माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने कहा कि पिछले 24 घंटों में राज्य के ऊपरी इलाकों में भारी बारिश और बर्फबारी भी हुई है। कुल्लू, कांगड़ा और मंडी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश देखी गई। जलवायु में अचानक बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ, जो 25 फरवरी को सक्रिय हुआ और बीती देर रात तक जारी रहा। 2 मार्च को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा और इसका असर 3 मार्च को दिखेगा।  कांगड़ा, चंबा और लाहौल-स्पीति में भारी  बारिश-बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट है । कुल्लू और मंडी में के लिए येलो अलर्ट जारी हुआ है। शिमला सहित शेष जिलों में हल्की से मध्यम बारिश-बर्फबारी की संभावना है।

भरमौर के घटौर में हिमस्खलन से गांव के पास पहुंची बर्फ
चंबा। भरमौर उपमंडल के अधीन ग्राम पंचायत जगत के अंतिम गांव घटौर की पहाड़ी पर हिमस्खलन के बाद बड़ी मात्रा में बर्फ घटौर नाला में पहुंच गई। गनीमत रही कि जिस वक्त घटौर नाला में हिमखंड गिरा उस वक्त नाले में कोई भी नहीं था। क्षेत्र में भारी बर्फबारी के बाद अब मौसम खुलते ही हिमस्खलन का क्रम आरंभ हो गया है। कई जगहों पर गिरने वाले ये हिमखंड लोगाें की मुसीबतों को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। शुक्रवार को भारी बर्फबारी के बीच पांगी घाटी की ग्राम पंचायत कुमार के कुकड़ोलु गांव में पांच मकानों समेत तीन लोग इसकी चपेट में आने से बह गए। इस दौरान दो लोगों ने मुश्किल से अपनी जानें बचाई। जबकि, तीसरा व्यक्ति हिमखंड में बहता हुआ काफी आगे निकल गया। व्यक्ति को टांग में चोट लगी है। क्षतिग्रस्त हुए मकानों के प्रभावित परिवारों को पड़ोसी के घर में शिफ्ट किया गया है। 
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क्षेत्र अधिकतम तापमान
ऊना 26.0
बिलासपुर 24.2
कांगड़ा 22.7
नाहन 20.8
मंडी 20.6
चंबा 20.2
सोलन 20.0
धर्मशाला 18.0
शिमला 14.0
मनाली 7.8
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