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Himachal Vidhansabha Session: परियोजना से उत्पादित बिजली से किया जाएगा लाडा की देय राशि का भुगतान

Thu, 22 Feb 2024 07:01 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल के जवाब में सीएम ने बताया कि प्रदेश में 11,209 मेगावॉट क्षमता की कुल 174 जल विद्युत परियोजनाएं चल रही हैं। किसी भी परियोजना की समयसीमा पूर्ण नहीं हुई है।
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सदन में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बताया कि यदि बिजली परियोजना निर्माता की ओर से लाडा की राशि जमा नहीं करवाई जाती है तो देय राशि का भुगतान परियोजना से उत्पादित बिजली के रूप में 12 समान किस्तों में वसूल किया जाएगा। विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल के जवाब में सीएम ने बताया कि प्रदेश में 11,209 मेगावॉट क्षमता की कुल 174 जल विद्युत परियोजनाएं चल रही हैं। किसी भी परियोजना की समयसीमा पूर्ण नहीं हुई है। शानन जल विद्युत परियोजना की लीज की अवधि दो मार्च 2024 को समाप्त होने जा रही है। गत तीन वर्षों में 15 जनवरी 2024 तक निर्मित परियोजनाओं ने लाडा के तहत कुल 30 करोड़ रुपये जमा करवाए हैं। ब्यूरो

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जेबीटी के 4109 पद रिक्त, बैचवाइज 1161 पद भरने की प्रक्रिया पूरा : रोहित
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में जेबीटी के 4109 पद रिक्त हैं। विभाग द्वारा गत वर्ष से 15 जनवरी 2024 तक 367 जेबीटी के पद भरे गए हैं। विधायक इंद्र सिंह गांधी के सवाल का लिखित जवाब देते हुए जेबीटी के 1161 पदों को बैचवाइज आधार पर भरने के लिए प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। उच्च न्यायालय ने 20 नवंबर 2023 को निर्देश दिए हैं कि कांउसलिंग प्रक्रिया को जारी रखा जाए लेकिन कोर्ट की अनुमति के बिना नियुक्ति प्रदान न की जाए। शिक्षा मंत्री ने बताया कि काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य स्तरीय मेरिट सूची तैयार की जा रही है। इसके बाद नियुक्ति आदेश जारी करने के लिए कोर्ट में सिविल विविध याचिका दायर की जाएगी। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद नियुक्ति आदेश जारी किए जाएंगे। 

एक साल में कोई भी मदरसा खोलने की नहीं दी मंजूरी : शांडिल
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल ने बताया कि गत वर्ष में सरकार ने प्रदेश में कोई भी नये मदरसों को खोलने की स्वीकृति प्रदान नहीं की है। भाजपा विधायक जनकराज के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि प्रदेश में पंजीकृत मदरसों की कुल संख्या 10 है। पंजीकृत गिरिजाघरों की संख्या शून्य है। उधर, प्रश्नकाल के बाद विधायक जनकराज ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि कुछ समय पूर्व ही जिला चंबा में एक मदरसे का पंजीकरण किया गया है। सरकार ने लिखित जवाब में गलत जानकारी दी है। 
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लोस चुनाव में कांग्रेस को ले डूबेगा व्यवस्था परिवर्तन : सत्ती
भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट में कर्मचारियों को वित्तीय लाभ चरणबद्ध तरीके से दिए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यह चरणबद्ध तरीका और व्यवस्था परिवर्तन उन्हें लोकसभा चुनाव में ले डूबेगा, जब नेताओं को बूथ तक से लीड नहीं मिलेगी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कामकाज सराहना की। कहा कि वीरभद्र सिंह 6 बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और 2 बार हाईकमान की परवाह किए बिना मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के अयोध्या जाने पर खुशी जताई। कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बनाने में उनके नेताओं की अहम भूमिका रही है, तो उसका श्रेय भी लेंगे। उन्होंने ईवीएम का विरोध करने पर कांग्रेस नेताओं को आड़े हाथों लिया। कहा कि यदि चुनाव नहीं लड़ सकते तो बायकॉट कर दो। उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों की बिगड़ी हालत पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कोरोना के समय में केंद्र ने एक हजार वेंटिलेटर हिमाचल को दिए। आज वह धूंल फांक रहे हैं। 
 

धनीराम शांडिल को कर्नल स्टाइल में काम करना होगा
उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. धनीराम शांडिल को अब कर्नल स्टाइल में काम करने की आवश्यकता है। पूर्व में जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली सरकार ने कर्ज लिया और लौटाया ज्यादा है। उन्होंने प्रदेश में बढ़ते अवैध खनन एवं नशे के कारोबार पर भी चिंता जताई।उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश जिस तरह प्रगति कर रहा है, उसे देखकर लगता है कि कांग्रेस नेताओं की पत्नियां और बेटे भाजपा को ही वोट डालेंगे।
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मुख्यमंत्री ने ‘हिमाचल प्रदेश लैंड कोड’ के नए संस्करण का अनावरण किया
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार को ‘हिमाचल प्रदेश लैंड कोड’ के नवीन संस्करण का अनावरण किया। इसमें राजस्व एवं अन्य विभागों के भूमि से संबंधित मामलों के कानूनों का संकलन किया गया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश लैंड कोड का प्रथम संस्करण 1992 में प्रकाशित किया गया था तथा 1992 के बाद से इसे संशोधित नहीं किया गया था। इससे पूर्व भी भूमि से संबंधित अनेक कानूनों को संशोधित कर कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस लैंड कोड में राजस्व एवं अन्य विभागों से संबंधित कुल 64 अधिनियम, 59 नियम तथा लगभग 340 अधिसूचनाएं एवं दिशा-निर्देशों को संकलित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उपायुक्त, एसडीएम व तहसील कार्यालयों में लैंड कोड उपलब्ध करवाया जाएगा ताकि विभागीय अधिकारियों को विभिन्न अधिनियम, नियम, अधिसूचनाओं व दिशा-निर्देशों की जानकारी मिल सके। सुक्खू ने कहा कि सरकार ने अपने पहले ही बजट में राजस्व विभाग में नए लैंड कोड संकलित करने का आश्वासन दिया था तथा अब इसे प्रकाशित कर दिया गया है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार, विधायक रवि ठाकुर, हरीश जनारथा, अजय सोलंकी, प्रधान सलाहकार गोकुल बुटेल, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चन्द शर्मा उपस्थित रहे।
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