लोस चुनाव में कांग्रेस को ले डूबेगा व्यवस्था परिवर्तन : सत्ती
भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट में कर्मचारियों को वित्तीय लाभ चरणबद्ध तरीके से दिए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यह चरणबद्ध तरीका और व्यवस्था परिवर्तन उन्हें लोकसभा चुनाव में ले डूबेगा, जब नेताओं को बूथ तक से लीड नहीं मिलेगी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कामकाज सराहना की। कहा कि वीरभद्र सिंह 6 बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और 2 बार हाईकमान की परवाह किए बिना मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के अयोध्या जाने पर खुशी जताई। कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बनाने में उनके नेताओं की अहम भूमिका रही है, तो उसका श्रेय भी लेंगे। उन्होंने ईवीएम का विरोध करने पर कांग्रेस नेताओं को आड़े हाथों लिया। कहा कि यदि चुनाव नहीं लड़ सकते तो बायकॉट कर दो। उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों की बिगड़ी हालत पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कोरोना के समय में केंद्र ने एक हजार वेंटिलेटर हिमाचल को दिए। आज वह धूंल फांक रहे हैं।
धनीराम शांडिल को कर्नल स्टाइल में काम करना होगा
उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. धनीराम शांडिल को अब कर्नल स्टाइल में काम करने की आवश्यकता है। पूर्व में जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली सरकार ने कर्ज लिया और लौटाया ज्यादा है। उन्होंने प्रदेश में बढ़ते अवैध खनन एवं नशे के कारोबार पर भी चिंता जताई।उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश जिस तरह प्रगति कर रहा है, उसे देखकर लगता है कि कांग्रेस नेताओं की पत्नियां और बेटे भाजपा को ही वोट डालेंगे।
मुख्यमंत्री ने ‘हिमाचल प्रदेश लैंड कोड’ के नए संस्करण का अनावरण किया
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने वीरवार को ‘हिमाचल प्रदेश लैंड कोड’ के नवीन संस्करण का अनावरण किया। इसमें राजस्व एवं अन्य विभागों के भूमि से संबंधित मामलों के कानूनों का संकलन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश लैंड कोड का प्रथम संस्करण 1992 में प्रकाशित किया गया था तथा 1992 के बाद से इसे संशोधित नहीं किया गया था। इससे पूर्व भी भूमि से संबंधित अनेक कानूनों को संशोधित कर कई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस लैंड कोड में राजस्व एवं अन्य विभागों से संबंधित कुल 64 अधिनियम, 59 नियम तथा लगभग 340 अधिसूचनाएं एवं दिशा-निर्देशों को संकलित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक उपायुक्त, एसडीएम व तहसील कार्यालयों में लैंड कोड उपलब्ध करवाया जाएगा ताकि विभागीय अधिकारियों को विभिन्न अधिनियम, नियम, अधिसूचनाओं व दिशा-निर्देशों की जानकारी मिल सके। सुक्खू ने कहा कि सरकार ने अपने पहले ही बजट में राजस्व विभाग में नए लैंड कोड संकलित करने का आश्वासन दिया था तथा अब इसे प्रकाशित कर दिया गया है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, विधानसभा उपाध्यक्ष विनय कुमार, विधायक रवि ठाकुर, हरीश जनारथा, अजय सोलंकी, प्रधान सलाहकार गोकुल बुटेल, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चन्द शर्मा उपस्थित रहे।