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सोलन को नगर निगम बनाने के लिए बिंदल-शांडिल एकजुट

Fri, 13 Dec 2019 06:12 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तपोवन (धर्मशाला)
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विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल - फोटो : अमर उजाला
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नगर परिषद सोलन को नगर निगम बनाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और विधायक कर्नल धनी राम शांडिल एकजुट दिखे। सत्र के पांचवें दिन कांग्रेस विधायक ने सदन में नगर परिषद सोलन को नगर निगम का दर्जा देने को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया। कर्नल ने कहा कि शिमला के बाद सोलन प्रदेश का सबसे बड़ी आबादी वाला शहर है, बावजूद इसके अभी तक नगर निगम का दर्जा नहीं दिया गया।

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उन्होंने कहा कि जब धर्मशाला नगर निगम बन सकता है, तो सोलन तो सभी मापदंड पूरे करता है, फिर भी अभी तक एमसी का दर्जा नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सोलन शहर का विस्तार हो रहा है, उसे नगर निगम बनाना बहुत ही जरूरी है। इस ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल भी शामिल हुए और उन्होंने कहा कि पंचायतों को मर्ज किए बिना भी नगर परिषद सोलन नगर निगम बनने के सभी शर्तें पूरी करता है। इसलिए पंचायतों को मर्ज किए बिना भी इसका दर्जा बढ़ाया जा सकता है। जिसके लिए कर्नल ने बिंदल का विशेष तौर से सदन में धन्यवाद भी किया।

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एनओसी लाओ, सरकार जल्द लेगी फैसला

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब देते हुए शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी ने कहा कि सोलन नगर परिषद को नगर निगम का दर्जा देने का मामला सरकार के ध्यान में है। इस बारे इसी साल दो-तीन बार शहरी विकास विभाग और जिला प्रशासन के बीच पत्राचार हुआ है। नगर परिषद के प्रस्ताव में जिन आठ पंचायतों को मर्ज करने की बात कही है, अभी तक उन पंचायतों ने नगर निगम में मर्ज होने पर सहमति नहीं जताई है।

पंचायतों से एनओसी देने को लेकर बीडीओ और जिला पंचायत अधिकारी सोलन को निर्देश दिए हैं। शहरी विकास मंत्री ने विधायक धनी राम शांडिल से भी पंचायतों के एनओसी जल्द शहरी विकास विभाग को भेजने का आग्रह किया ताकि जल्द सोलन को नगर निगम का दर्जा देने की सभी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।

शांडिल से बोले सुक्खू - मंत्री नहीं, सीएम से मांगो
जब सदन में कर्नल धनी राम शांडिल सोलन को नगर निगम बनाने का मामला उठा रहे थे, तो उन्होंने शहरी विकास मंत्री सरवीण चौधरी से ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब मांगा। इस पर कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शांडिल को कहा कि मंत्री नहीं, मुख्यमंत्री से मांगो। जिस पर सरवीण तल्ख दिखीं।
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