पहले विधानसभा सत्र के तीसरे दिन विपक्ष ने तेवर कड़े कर दिए हैं। पीढ़ी परिवर्तन की सियासत के नाम पर दो दिनों से दोस्ती भाईचारे और आचरण की गेंदबाजी चल रही थी। आखिर विपक्ष अपने असल तेवरों में आता दिखा। सबसे पहले आशा कुमारी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू होने से पहले इसके संकेत दिए।
उन्होंने सत्ता पक्ष के कप्तान जयराम ठाकुर से कहा कि जिस तरह की ओपनिंग उनकी ओर से होगी, वैसे ही परंपरा सदन में स्थापित होगी। धन्यवाद प्रस्ताव लेकर आए भाजपा विधायक राकेश पठानिया ने वीरभद्र सरकार को जमकर कोसा।
इसके बाद कर्नल इंद्र सिंह ने तो पिछली सरकार के सारे फैसलों के पोस्टमार्टम तक की बात कही। सत्ता पक्ष की धुआंधर ओपनिंग के बाद नेता प्रतिपक्ष ने सधी हुई लाइन लेंथ अपनाई। अपने खुशमिजाज अंदाज से दो दिन से सदन में ठहाके लगवाने वाले मुकेश ने यू टर्न लिया।
आचरण व्यवहार की दुहाई को साइडलाइन कर उन्होंने अभिभाषण के मसौदे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने जयराम के सामने सवालों की बौछार लगा दी। मुकेश ने राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ पर एक तरह से हमला कर दिया।
अपनी नई भूमिका में उनका साथ विपक्ष की पूरी टीम ने दिया, लेकिन खेल समाप्त होने तक मैच उनकी पकड़ में दिखा। अब शुक्रवार को आखिरी दिन जयराम खुद उतरेंगे।
अच्छी शुरूआत के बाद अचानक विपक्षी टीम के धारधार गेंदबाजी से मैच के बदला नजारा उनकी बैटिंग पर टिका है। विपक्ष ने साफ कर दिया है कि 2019 को लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर खुलकर खेलेंगे। जयराम अपने संबोधन से पहले कितना मजबूत होमवर्क करते हैं, इसका भी विपक्ष को इंतजार है।
ये संगदिलों की दुनिया है, संभल कर चलना गालिब, यहां पलकों पर बिठाया जाता है, नजरों से गिराने के लिए। गालिब के इस शेयर को जयराम की ओर पढ़कर मुकेश ने अपना संबोधन खत्म किया। हालांकि महेंद्र ठाकुर ने चुटकी ली कि शायरी की किताब खरीद ली है शायद। तो नेता विपक्ष बोले भाव समझो।
फीडबैक पर उलझे दोनों ओर से
भाजपा विधायक दल की बैठक में हुई चर्चा के बारे में मुकेश ने चुटकी ली, तो सत्ता पक्ष उनको घेरने लगा। सीएम जयराम और मंत्री विक्रम सिंह ने कहा कि आप गलत फीडबैक ले रहे हैं।
मुकेश ने कहा कि हमारी सरकारी अभी अभी बदली है, लेकिन सूचनाएं फिर भी मिल जाती हैं। टोका टोकी पर अध्यक्ष डा. बिंदल ने सत्ता पक्ष को सचेत किया।