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हिमाचल विधानसभा सत्र: जीवीके कंपनी के पे रोल वाले पात्र एंबुलेंस कर्मियों की जारी रहेगी नौकरी

Mon, 14 Mar 2022 06:25 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

 प्रश्नकाल के दौरान माकपा विधायक राकेश सिंघा ने 102 और 108 एंबुलेंस कर्मियों का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मियों का कंपनियां गला तक घोंट देती हैं। इन पर लगाम लगाना जरूरी है। 
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स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल ने कहा है कि जीवीके कंपनी के पे रोल वाले सभी पात्र एंबुलेंस कर्मियों की नौकरी जारी रहेगी। 15 जनवरी से नई कंपनी ने काम करना शुरू कर दिया है। जिन एंबुलेंस कर्मियों पर गंभीर आरोप नहीं हैं, उनकी नौकरी को जारी रखने की नई कंपनी ने सैद्धांतिक सहमति दी है। मंत्री ने कहा कि आउटसोर्स पर कार्यरत महिला कर्मियों को मातृत्व अवकाश देने पर सरकार विचार करेगी। सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान माकपा विधायक राकेश सिंघा ने 102 और 108 एंबुलेंस कर्मियों का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मियों का कंपनियां गला तक घोंट देती हैं। इन पर लगाम लगाना जरूरी है। उन्होंने सरकार को प्रमुख नियोक्ता बनाने की मांग रखी।

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कर्मचारियों को कंपनियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है। जीवीके कंपनी अब हैदराबाद चली गई है। हाईकोर्ट की ओर से न्यूनतम वेतन देने को लेकर दिए गए आदेश अब कैसे लागू होंगे। जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रमुख नियोक्ता तो कंपनी ही है। बढ़े हुए मानदेय की अदायगी को सुनिश्चित करवाया जाएगा। कोर्ट ने 12 से 15 हजार रुपये मानदेय करने का फैसला दिया है। उन्होंने कहा कि हर नियोक्ता नियम-कानून से बंधे हैं। कई बार कंपनियां शोषण करती हैं। इसे जांचने के लिए सरकार है। कर्मियों की हितों की रक्षा करने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है।

विधायक अरुण और राकेश ने उठाया पुलिस चौकियां स्थायी करने का मामला
भाजपा विधायक अरुण कुमार और राकेश जमवाल ने प्रश्नकाल के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस चौकियों को स्थायी करने का मामला उठाया। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र की जरूरतों के हिसाब से पुलिस चौकियों को स्थायी किया जाता है। समय-समय पर पुलिस चौकियां खोली जाती हैं। जब लगे कि यह व्यवस्था स्थायी रूप से करनी हो तो की जाती है। जिलों के एसपी इन्हें मॉनिटर करते हैं। उन्होंने कहा कि स्थायी पुलिस चौकी को सरकार अधिसूचित करती है। पद सृजित किए जाते हैं। कामकाज की दृष्टि से अस्थायी और स्थायी में ज्यादा अंतर नहीं होता है। बीते रोज ही हमीरपुर के बड़सर में दो चौकियों को स्थायी करने की बात उठी। परीक्षण करने के बाद जरूरी कदम उठाएंगे। 
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बिलासपुर के लोग शरीफ, बार्डर एरिया जैसी बात नहीं
विधायक राकेश जमवाल ने डैहर में पुलिस चौकी को स्थायी करने की मांग करते हुए सुंदरनगर क्षेत्र को बार्डर क्षेत्र पर स्थित होने की बात कही। इस पर मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा कि बिलासपुर के लोग शरीफ हैं। बार्डर एरिया जैसी कोई बात नहीं है। इस पर सदन में खूब ठहाके लगे।

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