विधानसभा में मानसून सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान जल शक्ति मंत्री महेंद्र ठाकुर ने प्रश्न की रूपरेखा में भाजपा के वरिष्ठ विधायक रमेश ध्वाला को उलझा दिया। मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि जलशक्ति विभाग में कोई कर्मचारी आउटसोर्स आधार पर नियुक्त नहीं है। शायद विधायक पैरा फिटर, पंप ऑपरेटर, जल रक्षक और मल्टीपर्पज वर्करों के बारे में पूछना चाहते हैं, लेकिन उन्होंने सवाल में कर्मचारियों के बारे में पूछा है। जिसका जवाब दे दिया गया है।
जवाब में विधायक रमेश ध्वाला ने कहा कि मंत्री इंकार कर रहे हैं, पता नहीं इनको अफसर सही सूचना दे रहे या नहीं। मंत्री हमारे मित्र हैं, क्या जवाब देते हैं सुन लेते हैं। इस पर मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि मैं क्या जवाब दूं, मित्रता निभा सकते हैं। इस बारे में बैठेंगे और बात कर लेंगे। विधायक रमेश ध्वाला ने कहा कि प्रश्न पूछने के लिए सही शब्द कर्मचारी नहीं हैं तो क्या हुआ। ये हैं तो विभाग में ही। मंत्री ने जवाब में कहा कि इस संबंध में आपको पूरी सूचना दे दी जाएगी।
सवाल में स्वयं को शामिल करते हुए माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि मैंने इस सवाल को लेकर सही प्रश्न लगाया था, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मेरा सवाल सही तरीके से पेश नहीं किया गया। मंत्री को सदन में हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह सरकार के खिलाफ जाएगा। जवाब में मंत्री ने कहा कि प्रश्न की रूपरेखा विधानसभा सचिवालय ने तय की है। हमारे पास जो प्रश्न आया, हमने उसका उत्तर दिया। मैंने सदन को कभी भी हल्के में नहीं लिया है।
आउटसोर्स स्टाफ को वेतन नहीं मिलने की होगी जांच
माकपा विधायक ने कहा कि कसुम्पटी डिवीजन में मई से अगस्त तक आउटसोर्स आधार पर रखे स्टाफ को वेतन नहीं मिला है। आज सुबह ही कुछ लोगों ने फोन कर उन्हें यह जानकारी दी है। जवाब में मंत्री ने कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी। कसुम्पटी डिवीजन के साथ प्रदेश के अन्य डिवीजन की जानकारी भी जुटाई जाएगी।