हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को विपक्ष के सदस्यों ने स्पीकर विपिन सिंह परमार को पद से हटाने की मांग उठाई। प्रश्नकाल शुरू होने से पहले कांग्रेस के 19 विधायकों ने इस संबंध में प्रदेश विधानसभा सचिव को नोटिस दिया। प्रश्नकाल के बाद की कार्यवाही में भी कांग्रेस विधायक दल शामिल नहीं हुआ। हालांकि कांग्रेस विधायक प्रश्नकाल की घोषणा के बाद सदन से चुपचाप बाहर चले गए और इस तरह से उन्होंने बैठक का मौन बहिष्कार किया।
बाहर काले बिल्ले पहनकर कांग्रेस विधायक दल विधानसभा परिसर में मुख्य गेट पर बैठ कर अपना रोष जताने लगा और स्पीकर पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने पर अड़ा रहा। हालांकि, इस नोटिस को सदन के चले होने से 14 दिन पहले नहीं देने और एक तिहाई सदस्यों की ओर से न दिए जाने जैसी तकनीकी खामियां बताकर अस्वीकार किया गया।
विपक्षी कांग्रेस के 19 विधायकों ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बिजनेस रूल्स के नियम 274 (1) का हवाला देते हुए प्रस्ताव रखा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष विपिन सिंह परमार को इस पद से हटाया जाए। नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि स्पीकर विपिन सिंह परमार जानबूझकर विपक्ष के सदस्यों के अधिकारों और विशेषाधिकारों को बनाए रखने में असफल हो रहे हैं। उनकी सदन की कार्यवाही के संचालन की निष्पक्षता संदेहास्पद है। स्पीकर को न्यूट्रेलिटी रखनी होती है, उन्हें राजनीतिक विचारधारा का पक्ष नहीं लेना चाहिए।
ये बार-बार देखा गया है कि स्पीकर विपिन सिंह परमार जब सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता कर रहे होते हैं तो एक विशेष विचारधारा से अपनी संबद्धता की बात करते हैं। यह संविधान की आत्मा के खिलाफ है। हैरत करने वाली बात यह है कि स्पीकर यह भी कह चुके हैं कि रूल्स ऑफ प्रोसीजर की अनुपालना करने के लिए बाध्य नहीं हैं। विपक्ष के सदस्यों की ओर से नोटिस डील करते समय भी वह निष्पक्ष व्यवहार नहीं कर रहे हैं। विपक्ष के सदस्यों ने वर्तमान अध्यक्ष में विश्वास खो दिया है। ऐसे में विधानसभा सदस्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए स्पीकर को हटाया जाना चाहिए।
कृषि उपकरणों के लिए सरकार ने जारी किए 1284 लाख रुपये
बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में बागवानों के कृषि उपकरणों से संबंधित लंबित आवेदनों के लिए इस वर्ष 1284 लाख रु पये की पहली किस्त जारी कर दी है। उन्होंने यह जानकारी चौपाल के विधायक बलवीर सिंह वर्मा की ओर से नियम-162 के तहत लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में दी। उन्होंने कहा कि बगीचों के विभिन्न कार्यों को सुगम बनाने के लिए शक्ति चालित यंत्रों, पावर स्प्रेयर, पावर वीडर, पावर टिल्लर, ब्रश कटर इत्यादि पर 50 प्रतिशत की दर से उपदान प्रदान किया जा रहा है।
चौपाल और ठियोग क्षेत्र के तहत वर्ष 2013-14 से वर्तमान तक उद्यान विभाग की ओर से विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कृषि उपकरणों पर 623.64 लाख रुपये की अनुदान राशि बागवानों को वितरित की गई। केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के तहत वर्ष 2013 से वर्तमान तक प्रदेशभर में बागवानी उपकरणों पर 2598.82 लाख रु पये की उपदान राशि से 8384 बागवानों को लाभान्वित किया गया।
चौपाल व ठियोग क्षेत्र के 2040 बागवानों को केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के तहत कृषि व बागवानी उपकरणों पर 285.46 लाख रुपये की उपदान राशि जारी की गई। इससे पूर्व विधायक बलवीर सिंह वर्मा ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए कहा कि चौपाल और ठियोग में 8 साल से कुछ बागवानों और किसानों को सब्सिडी के पैसे नहीं मिले हैं।