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हिमाचल: नाबालिग और बेटी से दुष्कर्म के दो दोषियों को 20-20 साल का कारावास, जुर्माना भी लगाया

Wed, 30 Sep 2026 03:57 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर।

सार

 नाबालिग और बेटी से दुष्कर्म करने वाले दो दोषियों को 20-20 साल के कारावास और 10 व 5 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो कोर्ट) किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने बुधवार को दो अलग-अलग मामलों में यह फैसला सुनाया। 
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अदालत(सांकेतिक)। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नाबालिग और बेटी से दुष्कर्म करने वाले दो दोषियों को 20-20 साल के कारावास और 10 व 5 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो कोर्ट) किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने बुधवार को दो अलग-अलग मामलों में यह फैसला सुनाया। पहले मामले में पीड़िता की मां उसे दिल के उपचार के लिए नेपाल से भारत लाई थी और किन्नौर जिले में दोषी ने उससे दुराचार किया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (पॉक्सो कोर्ट) किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने आरोपी राम बहादुर(48) पुत्र पूर्ण बहादुर जुमला, आंचलभेरी नेपाल को भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 20 वर्ष के कारावास और 5,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

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नशे में धुत आरोपी ने नाबालिग के साथ किया था दुष्कर्म
फैसले की जानकारी देते हुए उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि नाबालिग पीड़िता और उसकी माता इस घटना के कुछ दिन पहले ही नेपाल से रिकांगपिओ आए थे। पीड़िता को भारत लाने का मकसद यह था कि उसके दिल में छेद था और उसकी माता उसका उपचार भारत में करवाना चाहती थी।  6 नवंबर 2024 को पीड़िता की माता काम की तलाश में बाहर गई हुई थी। इसी दाैरान पीड़िता पानी भरने के लिए आरोपी के क्वाटर के पास बने नालू के पास गई थी। तभी शराब के नशे में धुत आरोपी राम बहादुर ने उसे जबरदस्ती पकड़कर अपने कमरे में ले गया और दुष्कर्म किया। इसी बीच पीड़िता ने आरोपी के फोन से अपनी माता को घटना के बारे बताया। इस पर मां ने किसी अन्य व्यक्ति को फोन करके आरोपी के कमरे के पास भेजा।
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सगी बेटी का 2-3 साल तक किया शारीरिक शोषण
जब वह कमरे के पास पहुंचा तो उसे अंदर से रोने की आवाज सुनाई दी। अंदर जाकर आरोपी अर्धनग्न अवस्था में पाया गया। पीड़िता भी वहीं पाई गई। इसके बाद पीड़िता की मां ने पुलिस थाना रिकांगपिओ में मुकदमा दर्ज करवाया। मुकदमा दर्ज होने के बाद तफ्तीश अमल में लाई गई और पाॅक्सो कोर्ट में चालान पेश किया गया। अदालत ने कुल 20 गवाहों के साक्षय दर्ज किए। आरोपी राम बहादुर के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए। दूसरे मामले में भी आरोपी पर भी अपनी सगी बेटी के साथ 2-3 साल तक शारीरिक शोषण करने के आरोप सिद्ध हुए। दोषी पिता को 20 साल का कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सरकार की ओर से इन दोनों मुकदमों की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।
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