जिसके चलते इस साल जून तक ही प्रदेश में आने वाले सैलानियों की संख्या बढ़कर एक करोड़ पहुंच गई है। जुलाई के पहले सप्ताह में जब प्रदेश में प्राकृतिक आपदा आई, उस समय कुल्लू-मनाली में ही करीब 70 हजार सैलानी मौजूद थे। सरकार ने सभी सैलानियों को सुरक्षित निकाल कर घरों तक पहुंचाया है। अब व्यवस्थाओं को पटरी पर लौटाने की कवायद शुरू हो गई है। सितंबर से प्रदेश में फेस्टिवल सीजन शुरू होगा। इसके बाद नवंबर से विंटर सीजन का आगाज होगा।
वर्ष सैलानियों की संख्या
2018 88,98,620
2019 90,61,269
2020 22,05,634
2021 19,76,091
2022 86,42,390
2023 1,0006,743
प्रदेश में सैलानियों को आकर्षित करने के लिए इस बार विशेष प्रयास किए गए। देश के प्रमुख शहरों में जाकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश के ऐसे पर्यटन स्थलों की वीडियो के माध्यम से जानकारियां दी गईं, जिनके बारे में सैलानियों को अधिक पता नहीं था। सरकार की ओर से ऐसे पर्यटन स्थलों में सुविधाओं को बढ़ाया गया। अतिथि देवो भव का पालन किया गया। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में सैलानियों की आमद बढ़ी है।-अमित कश्यप, निदेशक पर्यटन विभाग