नई आई पांच गाड़ियों में से एक गाड़ी प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी को दी गई है। एक सीएस के पूल में रखी गई है। तीसरी गाड़ी को अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के एक अधिकारी को दिया गया पर उन्होंने इसे लेने से मना कर दिया। इसके बाद एक अन्य अतिरिक्त मुख्य सचिव के अधिकारी को भी गाड़ी देने की बात हुई, उन्होंने भी इसे लेने से मना कर दिया। बुधवार को यह गाड़ी सचिव स्तरीय अधिकारी ने मांग ली तो सरकार ने उनके हवाले कर दिया और इनकी लाॅटरी लग गई। गाड़ियां मिलने के बाद अफसरों और सलाहकारों ने अब वीआईपी नंबर के लिए जोर आजमाइश भी शुरू कर दी है।
सरकार के आदेशों के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने पांचों गाड़ियां अलॉट कर दी हैं। गाड़ी के लिए पहले अतिरिक्त मुख्य सचिव रैक के दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को पूछा गया। दोनों अधिकारियों ने गाड़ी लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जो गाड़ियां उनके पास हैं, वह अभी सही कंडीशन में हैं। इधर, एक सलाहकार की गाड़ी के निर्धारित तीन लाख किलोमीटर पूरे हो गए हैं।