जानकारी के अनुसार, ग्रीनहाऊस गैस उत्सर्जन को कम करने (कार्बन क्रेडिट) या कार्बन डाईऑक्साईड के बढ़ते प्रदूषण को लेकर वन विभाग ने हिम एवरग्रीन प्रोजेक्ट योजना लॉन्च की है। इसके तहत जमीन मालिक या किसान अपनी खाली घासनी या जमीन पर पौधे लगा सकते हैं। वन विभाग किसानों को पौधे मुफ्त देने के साथ लगाने के बीस रुपये और लगने के बाद तीस रुपये देगा। साथ ही इसके पांच साल में इन पौधों का सही मूल्यांकन होने पर पर करीब पचास पौधों का दो हजार रुपये भी जमीन मालिक के खाते में जाएंगे। यह पैसा आगे साल और पौधों के लिहाज से ओर भी बढ़ता जाएगा। इस योजना के तहत फलदार पौधों को छोड़कर जैसे टाली, देवदार, चील, कचनार, ईमारती लकड़ी देने वाले पौधे भी लगा सकते है।
वन विभाग की हिम एवर ग्रीन प्रोजेक्ट के तहत शुरु हुई इस योजना के चलते आने वाले वर्षों में प्रदेश को हरियाली मिलने के साथ प्रदूषण से भी राहत मिल सकती है, जो हर आदमी के लिए लाभादायिक होगी।
प्रदेश में हिम एवरग्रीन प्रोजेक्ट के तहत यह योजना लॉन्च हुई है। इसके लिए वन विभाग किसानों को पौधे भी मुफ्त देगा और इसके लगाने और लगने के बाद भी पैसे देगा। यह योजना इस मॉननूस सीजन से शु्रू कर दी जाएगी। इसके लिए कोई भी किसान या जमीन मालिक अपनी खाली पड़ी भूमि पर पौधरोपण कर सकता है। इसके लिए वह वन विभाग से संपर्क कर सकता है। -डॉ. संजीव शर्मा, डीएफओ, पालमपुर