जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित रिजल्ट में इस बार मेरिट सूची काफी लंबी होगी। स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष ने भी इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अन्य वर्षों के मुकाबले इस वर्ष मेरिट सूची में 250 से 300 तक छात्र शामिल हो सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से अगस्त-सितंबर माह के बाद तैयार होने वाली 10वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम की मेरिट सूची इस बार काफी लंबी होगी। पिछले वर्षों में मेरिट लिस्ट 40 से 50 के बीच रहती थी। कोरोना काल में बिना वार्षिक परीक्षाएं दिए तैयार किए गए रिजल्ट में यह मेरिट सूची 250 से 300 तक पहुंच सकती है। बोर्ड मेरिट सूची को असंतुष्ट छात्रों की परीक्षाएं होने और उनका रिजल्ट आने के बाद तैयार करेगा। जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित रिजल्ट में इस बार मेरिट सूची काफी लंबी होगी।
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स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष ने भी इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अन्य वर्षों के मुकाबले इस वर्ष मेरिट सूची में 250 से 300 तक छात्र शामिल हो सकते हैं। बोर्ड ने 10वीं कक्षा का रिजल्ट 99.7 प्रतिशत घोषित किया है। यह अन्य वर्षों के मुकाबले बहुत अधिक है। रिजल्ट की प्रतिशतता अधिक रहने के कारण इस बार मेरिट सूची भी लंबी होगी। इस बार 90 से 100 फीसदी अंक हासिल करने वाले छात्र अन्य वर्षों के मुकाबले दो गुने हैं। गत वर्ष जहां इस कैटेगिरी में 3098 छात्र-छात्राओं ने अपना स्थान बनाया था, वहीं इस बार यह आंकड़ा 8014 तक पहुंच गया है।
90 से 100 प्रतिशत के बीच 4965 छात्राओं ने हासिल किए अंक
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बोर्ड की मेरिट लिस्ट में लड़कियों का दबदबा रहेगा। सरकारी स्कूलों को इस बार भी प्राइवेट स्कूल पूरी तरह से पछाड़ेंगे, क्योंकि 90 से 100 प्रतिशतता तक अंक हासिल करने वालों में लड़कियों और प्राइवेट स्कूलों का आंकड़ा बहुत अधिक है। जानकारी के अनुसार 90 से 100 फीसदी के बीच अंक हासिल करने वालों में 8014 छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है, जिनमें से 1310 छात्र-छात्राएं सरकारी स्कूलों से संबंध रखती हैं, वहीं 6704 छात्र-छात्राएं निजी स्कूलों की हैं, जोकि सरकारी स्कूलों के मुकाबले तीन गुना अधिक है।
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वहीं इस प्रतिशतता के बीच सरकारी स्कूलों से संबंध रखने वाली 953 छात्राओं ने अपना स्थान बनाया है, जबकि निजी स्कूलों से इसी प्रतिशतता के बीच अपना स्थान पक्का करने वाली छात्राओं की संख्या 4012 पहुंच गई है। वहीं परीक्षा परिणाम में निजी स्कूलों के 6.86 फीसदी छात्र और सरकारी स्कूलों के 1.12 फीसदी छात्रों ने 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए हैं। पिछले वर्ष मैट्रिक के परीक्षा परिणाम में भी 90 से 100 फीसदी के बीच अंक हासिल करने में निजी स्कूलों के परीक्षार्थियों ने सरकारी स्कूलों के मुकाबले बाजी मारी थी। वर्ष 2020 में सरकारी स्कूलों के 858 परीक्षार्थियों ने 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल किए थे, जिनमें 600 लड़कियां व 258 लड़के शामिल थे। वहीं निजी स्कूलों के 2240 छात्रों 1516 छात्राएं और 724 छात्र शामिल थे।