इसके बाद उसके गले और शरीर पर धारदार हथियार से कई बार चार किए गए। सुमन और चतर सिंह का 23 नवंबर, 2025 को विवाह हुआ था। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच आए दिन कहासुनी होती थी। इसी दौरान सुमन करीब 10 से 15 दिनों के लिए मायके चली गई थी। इस कारण चतर सिंह उससे नाराज था। 31 जनवरी को इसी विषय को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ। इस बीच चतर सिंह आपा खो बैठा और गुस्से में आकर सुमन का गला दबा दिया। कुछ देर बाद सुमन बेहोश होकर नीचे गिर गई। वह काफी देर तक ऊपर नहीं उठी, जब आरोपी चतर सिंह ने उसे चेक किया तो सुमन की मौत हो गई थी। सुमन की इस तरह हुई मौत से घबराकर उसने अपने को बचाने के लिए भाई नरेंद्र सिंह और भतीजी निकिता के साथ मिलकर योजना बनाई।
चतर सिंह ने कैंची से सुमन के गले पर वार किए। इसके बाद खुद को भी माथे, गले पर चाकू से खरोंचें लगा दीं। यही नहीं उसने भतीजी निकिता के गाल पर भी चाकू से कट लगाया। इसके बाद मायके वालों को फोन कर बताया कि सुमन ने उन पर चाकू से हमला किया है और खुद को कमरे में बंद कर दिया है। इस पर सुमन के पिता ने कहा कि दरवाजा तोड़ दो और उसे बचा लो। इसके बाद उन्होंने कमरे के दरवाजे को तोड़े जाने का डोंग रचा ताकि इन पर किसी को भी कोई शक न हो। पुलिस की ओर से की गई जांच के दौरान पाया गया कि दरवाजा तोड़ने में कोई भी संघर्ष के सबूत नाहीं मिले।
पति ने गला घोंटकर पहले हत्या की। इसके बाद कैंची से गला रेत दिया। पति ने अपने भाई और भतीजी के साथ हत्या को आत्महत्या दिखाने का प्रयास किया। पुलिस ने दो और आरोपियों गिरफ्तार कर लिया है। इन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। -गौरव सिंह, एसएसपी सोलन