एसएफआई ने रैली निकाल जताया घटना का विरोध
शिमला। एचपीयू परिसर में छात्र पर हुए चाकू से हमले के विरोध में मंगलवार को एसएफआई की विश्वविद्यालय इकाई ने मंगलवार को परिसर में रैली निकालकर प्रदर्शन किया।रैली विश्वविद्यालय गेट से शुरू होकर विधि विभाग तक पहुंची जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। इस दौरान छात्रों ने विवि परिसर में बढ़ते नशे और असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ नारेबाजी की। एसएफआई परिसर सचिव मुकेश ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में लंबे समय से नशे की समस्या बढ़ रही है और कई असामाजिक तत्व घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार की घटना भी इसी माहौल का परिणाम है। परिसर अध्यक्ष योगी ने कहा कि छात्रों को कैंपस में बढ़ रही गुंडागर्दी के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठानी होगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल परिसर में तैनात रहा और स्थिति पर नजर रखी गई।
विवाद को शांतिपूर्वक सुलझाया जाए
प्रत्यक्षदर्शी छात्र हिमेश ने बताया कि घटना के समय माहौल अचानक बिगड़ गया। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगना चाहिए। शुभम ने कहा कि ऐसी घटनाएं विश्वविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करती हैं और छात्रों में डर का माहौल पैदा करती हैं। इस पूरे मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए।
कैंपस में सख्त सुरक्षा जांच की जरूरत
विधि विभाग की छात्रा कृतिका ने बताया कि इस घटना ने विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश के समय सख्त जांच व्यवस्था होनी चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति हथियार लेकर कैंपस में प्रवेश न कर सके। रिया ने कहा कि विश्वविद्यालय एक शैक्षणिक संस्थान है और यहां छात्रों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। सीसीटीवी निगरानी बढ़ाई जाए।
छात्र संगठनों का टकराव नहीं : रोहित
विधि विभाग के छात्र रोहित ने कहा कि यह घटना को दो छात्र संगठनों के बीच का टकराव नहीं है बल्कि उनके अनुसार यह अधिकतर एक व्यक्तिगत विवाद का मामला है जो बाद में हिंसक रूप ले बैठा। विश्वविद्यालय प्रशासन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
दोषियों को करें निलंबित : विवेक
एसएफआई के जिला अध्यक्ष विवेक ने कहा कि यह घटना विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस को पहले से ही इस तरह की घटना की आशंका की जानकारी थी और परिसर में पुलिस बल भी मौजूद था, इसके बावजूद हिंसा हो गई। विवेक ने कहा कि वह खुद घटना के समय मौके पर मौजूद थे और उन्होंने मोहित को रोकने की कोशिश भी की। इनके अनुसार उस दौरान मोहित ने उनकी ओर भी वार करने की कोशिश की। उन्होंने मांग की कि इस मामले में शामिल सभी छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत निलंबित करें और परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त करें।