हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर
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हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर परिसर में होटल मैनेजमेंट प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परीक्षा शुल्क 2500 रुपये निर्धारित है। 31 दिसंबर तक शुल्क जमा न करने पर 10 हजार रुपये देरी का जुर्माना थोप दिया गया है। हालांकि, इस जुर्माने के बारे में न ही संबंधित विभाग को कोई जानकारी थी और न ही छात्रों को। छात्र इस बात को लेकर असमंजस में हैं कि परीक्षा शुल्क से ज्यादा जुर्माना थोप दिया गया है। दूसरी ओर, छात्रों का साफ तौर पर कहना है कि वे 28 दिसंबर से फीस भर रहे थे, लेकिन तकनीकी विश्वविद्यालय का सर्वर ही ठप था। इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। न ही उन्हें जुर्माने की जानकारी थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीते दिन ही आनन-फानन में एक सूचना निकाली है, जिससे विवि प्रशासन का निकम्मापन साफ दिखाई दे रहा है।
छात्रों की आवाज उठाते हुए एनएसयूआई प्रदेश महासचिव टोनी ठाकुर ने कहा कि सरकारी कैंपस में ऐसा पहली बार हो रहा है कि परीक्षा शुल्क से ज्यादा जुर्माना थोप दिया गया है। कहा कि तकनीकी विश्वविद्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। छात्रों से पहचान पत्र के पैसे ले लिए हैं, लेकिन अभी तक उन्हें पहचान पत्र नहीं दिए हैं। साथ ही छात्रों को विवि के कुलपति से मिलने का समय तक नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्या का प्रशासन जल्द निवारण करे, अन्यथा परिणाम भुगतने को तैयार रहें। करीब 6- 7 छात्रों को इस तरह से प्रशासन द्वारा निशाने पर लिया जा रहा है। इधर, तकनीकी विवि के डीन अकादमिक प्रो. जयदेव ने कहा कि विवि के पूर्व निर्धारित दिशा-निर्देशानुसार ही शुल्क वसूल जाते हैं। इस मामले में विवि के कुल सचिव एवं परीक्षा नियंत्रक अधिक जानकारी दे सकते हैं। उधर, विवि के रजिस्ट्रार एवं परीक्षा नियंत्रक अनुपम ठाकुर ने बार-बार फोन के बावजूद न तो फोन उठाया और न ही एसएमएस का जवाब दिया।