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Himachal News: कॉलेजों की तर्ज पर तकनीकी संस्थानों की भी होगी ग्रेडिंग, तकनीकी शिक्षा बोर्ड बना रहा योजना

Sat, 07 Jun 2025 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा विपिन चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला

सार

हिमाचल प्रदेश में अब तकनीकी शैक्षणिक संस्थानों की भी ग्रेडिंग होगी। प्रदेश में पहली बार तकनीकी संस्थानों की ग्रेडिंग कराने की योजना बनाई जा रही है। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड धर्मशाला। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की तर्ज पर अब प्रदेश के तकनीकी शैक्षणिक संस्थानों की भी ग्रेडिंग होगी। ग्रेडिंग के लिए नेक या अन्य किसी टीम से सरकारी और निजी तकनीकी संस्थानों में मिलने वाली सुविधाओं की परख करवाई जाएगी। इस ग्रेडिंग सिस्टम को शुरू करने के लिए तकनीकी शिक्षा बोर्ड काम कर रहा है।

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प्रदेश में पहली बार तकनीकी संस्थानों की ग्रेडिंग कराने की योजना बनाई जा रही है। इस कवायद से बच्चों को एडमिशन के दौरान फायदा मिलेगा। जिस शैक्षणिक संस्थान की अच्छी ग्रेडिंग होगी, बच्चे उसको आसानी से चिह्नित कर उसमें प्रवेश ले सकेंगे। योजना के चलते संस्थानों को उनकी उपलब्धियों के आधार पर ग्रेड दिया जाएगा। प्रदेश में कई निजी शिक्षण संस्थान बच्चों को तकनीकी शिक्षा दे रहे हैं, जहां पर हजारों अभ्यर्थी हर वर्ष हजारों अभ्यर्थी शिक्षा ग्रहण कर पासआउट होते हैं। ऐसे में ग्रेडिंग से तकनीकी संस्थानों को अपने प्रदर्शन में सुधार करने और छात्रों को बेहतर शिक्षा देने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा।

सूत्रों के अनुसार तकनीकी शिक्षण संस्थानों को ग्रेडिंग के लिए संस्थान के रिजल्ट, ओवरऑल प्रदर्शन, छात्रों की गतिविधियां और अन्य कारकों का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अलावा पिछले वर्षों में संस्थान की प्लेसमेंट के आंकड़ों, हॉस्टल, लैब, क्लास रूम सहित संस्थान में अध्ययनरत बच्चों को मुहैया करवाई जाने वाली अन्य सुविधाओं को भी ध्यान में रखा जाएगा। इस संदर्भ में तकनीकी शिक्षा बोर्ड के सचिव अशोक पाठक ने बताया कि ग्रेडिंग को लेकर योजना बनाई जा रही है।

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बहुतकनीकी कॉलेज बड़ू में आईओटी कोर्स इस सत्र से
राजकीय बहुतकनीकी संस्थान बड़ू हमीरपुर में कंप्यूटर एंड इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) डिप्लोमा कोर्स शुरू होगा। कोर्स को संचालित करने के लिए कॉलेज प्रबंधन को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से मान्यता मिल गई है। कॉलेज प्रबंधन की ओर से बीते साल इस कोर्स को शुरू करने के लिए आवेदन किया था। कोर्स में 40 सीटें भरी जाएंगी। बहुतकनीकी प्रवेश परीक्षा के घोषित परिणाम के आधार सीटें भरने की कवायद जल्द शुरू होगी। अगस्त से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी है।

कोर्स चलाने के लिए आईओटी प्रयोगशाला भी तैयार की गई है। इस पर लगभग 30 लाख रुपये का बजट खर्च हुआ है। यहां पर अप्लाइड साइंस, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, आईटी, सिविल इंजीनियरिंग आदि कोर्स चल रहे हैं। इससे पहले राजकीय बहुतकनीकी संस्थान रोहडू में आईओटी कोर्स चलाया जा रहा है। यहां पर 30 सीट हैं। आईओटी कोर्स रोजमर्रा के उपकरणों को इंटरनेट से जोड़ने वाली तकनीक पर आधारित है।

हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, डाटा एकत्रीकरण, संचार प्रणाली और विभिन्न अनुप्रयोग शामिल हैं। विद्यार्थियों को कोर्स में नईं तकनीकों का ज्ञान दिया जाएगा। यह कोर्स तीन वर्ष का होगा। इसके लिए आधुनिक कार्यशालाओं में पढ़ाई करने का प्रशिक्षुओं को मौका मिलेगा।

कंप्यूटर एंड इंटरनेट ऑफ थिंग्स डिप्लोमा कोर्स के लिए एआईसीटीई से स्वीकृति मिल गई है। इसकी 40 सीटें भरी जाएंगी।- चंद्रशेखर, प्राचार्य, बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर।
 
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