केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) पाठ्यक्रम लागू किए जा रहे सरकारी स्कूलों में स्वीकृत पद खाली रहने की स्थिति में उन्हें सीधे भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा। किसी भी स्वीकृत पद को रिक्त नहीं रहने दिया जाएगा। शिक्षकों की कमी के कारण सीबीएसई स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार ने स्कूल शिक्षा निदेशालय को इस बाबत निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा निदेशालय के अनुसार सीबीएसई स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यकता पड़ने पर नई नियुक्तियां की जाएंगी। शिक्षकों की चयन परीक्षा से पहले पद भरे जाएंगे। पद रिक्त रहने की स्थिति में सीधी भर्ती की जाएगी। शिक्षा निदेशालय के अनुसार सीबीएसई पाठ्यक्रम लागू करने के साथ कई स्कूलों में स्टाफ की आवश्यकता बढ़ेगी। ऐसे में यदि तबादलों या अन्य कारणों से पद खाली रहते हैं तो उन्हें सीधे भर्ती के माध्यम से भरा जाएगा। इससे चयनित सीबीएसई स्कूलों में शिक्षण और शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित हो सकेंगी। सरकार ने सभी शिक्षकों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से इन निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि ये फैसले विद्यार्थियों और प्रदेश की सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं।
शिक्षकों के स्क्रीनिंग टेस्ट को लेकर मांगे गए आवेदनों की कम संख्या के चलते अब आवेदन करने की तिथि को 5 मार्च तक बढ़ा दिया गया है। अब पात्र शिक्षक ऑनलाइन आवेदन बिना विलंब शुल्क के साथ 5 मार्च तक कर सकते हैं, जबकि पहले से जमा आवेदनों में छह और सात मार्च तक संशोधन कर सकेंगे। - डॉ. राजेश शर्मा, अध्यक्ष, स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला।