समीकरण साधना चुनौतीपूर्ण बना
यही वजह है कि मंत्रिमंडल में नए चेहरों को अवसर देने और मौजूदा शक्ति संतुलन को बनाए रखने के बीच समीकरण साधना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। बताया जा रहा है कि दिल्ली में हुई बैठकों के दौरान मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ मंत्रियों के विभागों में संभावित फेरबदल पर भी विचार-विमर्श हुआ। सरकार के प्रदर्शन और प्रशासनिक प्रभावशीलता को ध्यान में रखते हुए कुछ अहम विभागों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। ऐसे संकेत हैं कि आने वाले दिनों में विभागों का पुनर्गठन और जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण देखने को मिल सकता है। फिलहाल मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मंत्रिमंडल विस्तार का मुद्दा कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के विचाराधीन है, लेकिन अंतिम निर्णय के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। उधर, दिल्ली बैठकों में कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं के हिमाचल दौरों पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी इसी माह सोलन में बड़ी जनसभा को संबोधित कर सकते हैं, जबकि प्रियंका गांधी वाड्रा का मंडी दौरा पहले से प्रस्तावित कार्यक्रमों में शामिल है।
चंडीगढ़ से सड़क मार्ग होते शिमला लौटे सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ अहम बैठकों के बाद शुक्रवार शाम को शिमला लौटे। चंडीगढ़ से वह सड़क मार्ग से राजधानी पहुंचे। दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल से मुलाकात की। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार भी बैठकों में मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सुक्खू की राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ अलग से भी विस्तृत चर्चा हुई।