पूर्व सरकार के समय विपक्ष में रही भाजपा ने राज्यपाल को चार्जशीट सौंपकर मांग की थी कि बस खरीद में हुए कथित घोटाले की जांच कराई जाए। चुनाव के बाद भाजपा की सरकार बनते ही मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के निर्देश पर विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों का कहना है जांच में निगम के कुछ पूर्व वरिष्ठ अधिकारी सरकारी धन के दुरुपयोग में फंस सकते हैं। इसके अलावा तत्कालीन परिवहन मंत्री भी जांच की जद में आ सकते हैं।
वहीं, मामले में विजिलेंस के अधिकारी आधिकारिक रूप से कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। हालांकि नाम न लिखने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने निगम को पत्र लिखे जाने की पुष्टि की है।