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सोलन अस्पताल में गर्भवती की मौत पर हंगामा, विभाग ने बिठाई जांच

Wed, 23 Aug 2017 08:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
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क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में उपचार के बाद गर्भवती महिला की मौत पर हंगामा बरप गया। महिला को करीब सवा 12 बजे अस्पताल लाया गया था। महिला को बुखार, घबराहट और गले में दर्द की शिकायत थी। महिला की पहचान अनीता (25) पत्नी जयवंत निवासी गांव गण की सेर डाकघर सलोगड़ा के रूप में हुई है।
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रात्रि ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक ने पीड़ित को डायक्लो फैनिक इंजेक्शन लगाया और बुखार से राहत के लिए दवाएं लिख दीं। उपचार के दौरान कुछ देर में महिला की तबीयत में सुधार हो गया तो परिजन डॉक्टर की मर्जी से उसे घर ले गए।

लेकिन यहां सुबह के समय महिला की तबीयत दोबारा से खराब हो गई और उसे फिर अस्पताल लाया गया। अस्पताल में तैनात चिकित्सक ने चेकअप के बाद महिला को मृत करार दे दिया। इसके बाद परिजन भड़क गए और डॉक्टर पर लापरवाही से इंजेक्शन लगाने का आरोप लगा दिया। 
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हंगामा बढ़ता देखकर ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक ने पुलिस को इसकी सूचना दे दी। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम करवाया।

परिजनों ने महिला की मौत के संबंध में चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की है। इस पर अस्पताल प्रशासन ने डॉ. राजन उप्पल को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा है। अस्पताल प्रशासन अब इस पूरे मामले की जांच एक सप्ताह में पूरी करेगा। 

डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन लगाया: पति
महिला के पति जयवंत ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती थी तथा उसे बुखार था। इसके बाद अचानक उसकी तबीयत खराब होने लगी तो रात करीब सवा 12 बजे उसे अस्पताल ले आए। 

यहां तैनात महिला डॉक्टर ने अलग इंजेक्शन लगा दिया। इससे उसकी पत्नी की सुबह के समय दर्द से तड़प-तड़प कर मौत हो गई। उन्होंने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है। 

अस्पताल प्रबंधन करेगा मामले की जांच: एमएस  
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. महेश गुप्ता ने कहा कि उन्हें शिकायत मिली है। इसे देखते हुए मामले की जांच बिठाई है। उन्होंने कहा कि महिला को डायक्लो फेनिक इंजेक्शन दिया था। 

यह आमतौर पर दर्द निवारण के लिए अस्पताल में दिया जाता है। इस इंजेक्शन से मौत संभव नहीं है। फिर भी अस्पताल प्रबंधन मामले की पूरी जांच करेगा। डॉ. राजन उप्पल को जांच का जिम्मा सौंपा है। 

अस्पताल की सप्लाई में है ये इंजेक्शन: डॉक्टर  
अस्पताल में रात्रि ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक ने बताया कि महिला की गंभीर हालत को देखते हुए इंजेक्शन लगाया था। यह इंजेक्शन बाहर से नहीं मंगवाया गया। अस्पताल को मिलने वाली सप्लाई से इंजेक्शन मुफ्त में लगाया गया था। इसके बाद महिला की हालत में सुधार हो रहा था। 

करीब एक घंटे तक महिला को चिकित्सक की निगरानी में रखा गया लेकिन परिजन उसे घर ले जाना चाहते थे। सुबह पांच बजे जब वे दोबारा महिला को लेकर आए तो उसकी मौत पहले ही हो चुकी थी। महिला की मौत उसके घर पर हुई है। इसके और भी कारण हो सकते हैं। इसलिए उन्होंने पुलिस को बुलाया और महिला का पोस्टमार्टम करवाया।
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