भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि हिमाचल कई अन्य राज्यों से अमीर प्रदेश है, लेकिन मुश्किल भौगोलिक स्थिति होने के कारण यहां वित्तीय क्षेत्र में तकनीक बदलने की जरूरत है। बैंकिंग सेक्टर को भी यहां मोबाइल टेक्नोलॉजी प्रयोग करनी चाहिए। क्योंकि ये बर्फ गिरने या सड़कें बाधित होने की सूरत में भी काम करती हैं।
उन्होंने हिमाचल में बैंक शाखाओं की कवरेज और सहकारी बैंकों के कामकाज की तारीफ की। वह होटल पीटरहाफ में राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की विशेष बैठक को संबोधित करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। राजन ने कहा कि हिमाचल में बैंकों की और कवरेज बढ़ाने के लिए बैंकिंग कोरस्पोंडेंट नियुक्त करने की योजना है।
आरबीआई इसमें हर संभव मदद करेगा। गवर्नर ने कहा कि शिमला में हुई सेंट्रल बोर्ड की बैठक में महंगाई, उत्पादन, जीडीपी, करंट अकाउंट डेफेसिट आदि मसलों पर चर्चा हुई।
महंगाई दर अब भी चिंता का विषय
मानिटरी पॉलिसी और करंसी डिपार्टमेंट के काम की समीक्षा की गई और नचिकेत एवं उदित पटेल कमेटियों के सुझावों पर बात हुई। उन्होंने कहा कि देश में खाद्य महंगाई दर अब भी चिंता का विषय है। उपभोक्ता मूल्य महंगाई दर अप्रैल में उच्चतम स्तर पर थी, जबकि थोक मूल्य दर कुछ नीचे आ रही है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि हम इस साल के अंत तक महंगाई दर को 8 फीसदी और अगले साल के अंत तक 6 फीसदी तक लाने में कामयाब रहेंगे। काले धन के सवाल पर गवर्नर ने कहा कि यह काम रिजर्व बैंक का नहीं है, लेकिन यदि भारत सरकार को फॉरेन एक्सचेंज ट्रांजेक्शन से जुड़ी कोई मदद चाहिए हो तो हम करने को तैयार हैं।
इससे पहले आरबीआई गवर्नर ने स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी मीटिंग की अध्यक्षता भी की। उनके सम्मान में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने दोपहर का भोजन भी रखा। उनके साथ डिप्टी गवर्नर और सेंट्रल बोर्ड सदस्य भी थे।
सहकारी बैंक के डेबिट कार्ड का शुभारंभ
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक देश का ऐसा पहला सहकारी बैंक बन गया है, जिसका अपना एटीएम-कम-डेबिट कार्ड ‘रूपे’ है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वीरवार को आरबीआई के गवर्नर डा. रघुराम राजन की उपस्थिति में सहकारी बैंक के एटीएम-कम-डेबिट कार्ड का शुभारंभ किया।
हिमाचल के मसलों को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अलग से बैठक के जरिए आरबीआई गवर्नर के सामने रखा। उन्होंने पीटरहॉफ में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डा. रघुराम राजन एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को हिमाचली टोपी और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।