इस दौरान आवेदन करने वाले परीक्षार्थियों को परीक्षा छूटने का विशेष कारण बताना पड़ेगा, उसके बाद ही उसकी परीक्षा ली जाएगी। प्रदेश भर में छूटे इन अभ्यर्थियों से शिक्षा बोर्ड जल्द ही आवेदन मांगेगा, जबकि इन विशेष परीक्षार्थियों की परीक्षाएं भी मई-जून में संचालित की जाएंगी। इस संदर्भ में स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा का कहना है बोर्ड प्रबंधन ने विद्यार्थियों का एक साल बचाने के लिए विशेष परीक्षा करवाने का फैसला लिया है। ताकि छूटे विद्यार्थी भी परीक्षा दे सकें।