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हिमाचल: सरकारी स्नेक वेनम एंटी सीरम का सैंपल फेल, सीडीएल कसौली में हुई जांच

Tue, 20 Jan 2026 10:39 AM IST
Krishan Singh आदित्य सोफत, संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन।

सार

सरकारी अस्पतालों में मिलने वाले स्नेक वेनम एंटी सीरम का सैंपल फेल हो गया है। सर्पदंश पर लगाए जाने वाले इस एंटी सीरम को महाराष्ट्र सरकार के हाफकिन बायो फार्मा में तैयार किया गया है। 
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सीडीएल कसौली - फोटो : संवाद
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विस्तार
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देशभर के सरकारी अस्पतालों में मिलने वाले स्नेक वेनम एंटी सीरम का सैंपल फेल हो गया है। सर्पदंश पर लगाए जाने वाले इस एंटी सीरम को महाराष्ट्र सरकार के हाफकिन बायो फार्मा में तैयार किया गया है। सैंपल जांच के लिए केंद्रीय ड्रग्स लैब (सीडीएल) कसौली भेजा गया था। प्रयोगशाला में जांच के दौरान एंटी सीरम में मॉइश्चर (नमी) की मात्रा तीन फीसदी से ज्यादा पाई गई। सीडीएस सैंपल फेल होने की रिपोर्ट स्वास्थ्य मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार को भेज दी है। हाफकिन बायो फार्मा से सरकारी स्तर पर वैक्सीन की सप्लाई होती है।

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स्नेक वेनम एंटी सीरम का सैंपल फेल होने के बाद अब बैच पर तुरंत प्रभाव से लगाने के लिए कहा है ताकि वैक्सीन का गलत इस्तेमाल न हो सके। बाजार में भी संबंधित वैच का एंटी सीरम नहीं उतरा जाएगा। बताया जा रहा है कि लैब में जांच के दौरान एंटी सीरम का सैंपल 2022 के मानकों को पूरा नहीं कर पाया था, इसके चलते सैंपल फेल हो गया था। सैंपल फेल होने की पुष्टि सीडीएल की अधिकारिक वेबसाइट से हुई है। गौरतलब है कि सीडीएल कसाैली ने देश में तैयार और आयात होने वाली सभी प्रकार की वैक्सीन और एंटी सीरम की जांच की जाती है। जांच के बिना किसी वैक्सीन का मानव शरीर पर इस्तेमाल नहीं होता है। यदि कोई वैक्सीन सीडीएल कसाैली में मानकों पर खरी नहीं उतरती तो उसे बाजार में नहीं उतारा जाता है। 

कोरोनाकाल में सीडीएल कसौली ने किया था बेहतर कार्य
कोरानाकाल के दौरान सीडीएल कसौली ने बेहतर कार्य किया था। सीडीएल में कर्मचारियों ने दिन रात वैक्सीन की जांच कर बाजार में उतारने में मदद की थी। कोरोनाकाल में कोविशील्ड, कोवैक्सीन समेत अन्य नाम से आने वाली कोरोना पर असरदार वैक्सीन की जांच की थी। यहां से जांच के बाद कंपनियों की वैक्सीन मानव शरीर पर लगाई गई थी।
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मॉइश्चर मानकों में हुआ बदलाव
एंटी सीरम में मॉइश्चर कंटेंट के मानक 2022 में बदले गए हैं। 2018 के मानकों के एक फीसदी होता था। अब बदले मानकों के अनुसार तीन फीसदी तक है। अगर इससे अधिक हो जाए तो सैंपल फेल हो जाता है।
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