इसके अलावा पिछले पांच साल से सालाना एकाउंट का ऑडिट भी नहीं किया गया है। वहीं, सीसी लिमिट के 70-80 लाख के उपयोग के बावजूद ऑपरेटरों को माल परिवहन के काफी समय बाद तक पेमेंट नहीं मिल रहा।
मांग की कि मामले की जांच कर गड़बड़ी करने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। ऑपरेटरों की शिकायत के बाद विजिलेंस ने पंजीयक सहकारी सभा को पत्र लिखकर मामले की जांच कर एक महीने में रिपोर्ट देने को कहा है।