हिमाचल प्रदेश के पहले अंतरराष्ट्रीय फुटबाल खिलाड़ी भूपिंदर सिंह रावत (84) का रविवार को निधन हो गया है। नाहन के छावनी क्षेत्र में रहने वाले रावत पिछले कुछ समय से गुजरात के सूरत में बस गए थे।
लंबी बीमारी के बाद उन्होंने रविवार को अंतिम सांस ली। रावत के परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी है। सेना में सेवाएं देते हुए रावत भारतीय टीम से जुड़े थे। नाहन के ऐतिहासिक चौगान मैदान में वह फुटबाल खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने पहुंचते थे।
तेजतर्रार खिलाड़ी रावत 1969 में मलयेशिया में मर्डेका टूर्नामेंट में भारतीय टीम के सदस्य थे। इसके अलावा वह दिल्ली गैरीसन, गोरखा ब्रिगेड और मफतलाल जैसी शीर्ष टीमों के लिए खेलते रहे। रावत ने संतोष ट्रॉफी के लिए राष्ट्रीय फुटबाल चैंपियनशिप में महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया। अपनी छोटी कद काठी के बावजूद अपनी गति और प्रतिद्वंद्वी रक्षापंक्ति को भेदने की क्षमता के चलते वह चर्चित रहते थे और प्रशंसक उन्हें स्कूटर उपनाम से पुकारते थे। मैदान में उन्हें देखने भीड़ उमड़ पड़ती थी।