हिमालयी क्षेत्र में लगभग 1748 जड़ी-बूटियों का खजाना है। इसमें पेड़ प्रजाति की 339, शाखा प्रजाति की 1029 और 51 टेरिटो थाईट्स प्रजातियां शामिल हैं। हिमालयी राज्य हिमाचल की बात करें तो यहां जड़ी-बूटियों की करीब 645 प्रजातियां हैं। इन प्रजातियों में पतीश, रतनजोत, हाथ पंजा, सर्पगंधा, चिरायता, कुठ, टिम्मर, कडू, चौरा, रखाल, वन हल्दी, वन ककड़ी, शीरा काकोली, निहाणी, निहाणू, धूप, लकड़ चूची, नाग छतरी, कशमल आदि को विलुप्त श्रेणी में रखा है।
किसान इनकी करते हैं पैदावार
क्षेत्र में किसान सफेद मुसली, गिलोय, अश्वगंधा, ब्रह्मी, अशोक, नीम, सहजन, तुलसी, लेमन ग्रास, सब्जा, दालचीनी, एलोवेरा, रत्नजोत, कड़ी पत्ता, आंवला, हरड़ और कचनार आदि की पैदावार प्रमुखता से कर रहे हैं।