शिमला जिले के कोटखाई में 60 करोड़ की लागत से वातावरण नियंत्रण केंद्र (सीए स्टोर) स्थापित किया जाएगा, जो प्रदेश का पहला सीए स्टोर होगा। इससे बागवानों खासकर सेब उत्पादकों को लाभ मिलेगा।
किसानों और बागवानों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए हिमाचल प्रदेश की 48 सब्जी मंडियों का कायाकल्प कर उनको आधुनिक रूप दिया गया है। इस पर करीब 25 करोड़ की राशि खर्च की गई है। यह बात कृषि विपणन बोर्ड के राज्य अध्यक्ष बलदेव भंडारी ने सोमवार को ददाहू में पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 225 करोड़ रुपये की लागत से 22 नई मंडियों का निर्माण किया जा रहा है।
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20 मंडियों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। भंडारी ने कहा कि जाइका योजना के अंतर्गत प्रदेश में 33.50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत हुई है। इस राशि को प्रदेश की सभी मंडियों में आधुनिकीकरण करने पर खर्च किया जाएगा। शिमला जिले के कोटखाई में 60 करोड़ की लागत से वातावरण नियंत्रण केंद्र (सीए स्टोर) स्थापित किया जाएगा, जो प्रदेश का पहला सीए स्टोर होगा।
इससे बागवानों खासकर सेब उत्पादकों को लाभ मिलेगा। इससे पूर्व सेब उत्पादकों को निजी कोल्ड स्टोर के सहारे रहना पड़ता था। उन्होंने कहा कि जिले के नौहराधार और खैरी में पैकिंग ग्रेडिंग हाउस का निर्माण किया जाएगा। सब्जी मंडी ददाहू में एक व्यावसायिक परिसर का निर्माण करने की डीपीआर मंजूरी के लिए भेजी गई है। इस मौके पर भाजपा नेता बलवीर चौहान, रेणुका भाजपा मंडल अध्यक्ष सुनील शर्मा, उपाध्यक्ष अमर सिंह ठाकुर, राजेंद्र ठाकुर और अरुण गर्ग मौजूद रहे।