सीएम ने कहा कि युवा पीढ़ी को जागरूक करना है और इसकी शुरुआत 15 नवंबर को शिमला से वाॅकथॉन से की गई। चिट्टे के खिलाफ ऐतिहासिक लड़ाई शुरू की गई है। विपक्ष ने भी इस लड़ाई में सहयोग दिया है। प्रदेशभर में सत्ता और विपक्ष के विधायकों के साथ मिलकर वॉकथॉन की जाएंगी। चिट्टे की लत युवाओं को नशे की आदी बनाती है। युवाओं को बचाने की चुनौती हमारी है और चिट्टे की सूचना देने के लिए इनाम की घोषणा सरकार ने की है। चिट्टा तस्करी के मामलों में संलिप्त सरकारी कर्मचारियों की लिस्ट बनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पंचायतों में एक ग्राम सभा चिट्टे को लेकर करेंगे। चिट्टे के मामलों को लेकर पंचायतों का वर्गीकरण किया है, जिनमें जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। चिट्टा मामलों की गुप्त सूचना देने वालों की जानकारी उजागर करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि नशे के खिलाफ एक स्वर में आवाज उठाने की आवश्यकता है। नशे से युवा को कैसे बचाएं, इस दिशा में प्रदेश सहित केंद्र सरकार के स्तर पर विचार किया जा रहा है। विपक्ष ने प्रदेश सरकार को स्पष्ट किया है कि इस मामले में पूरा सहयोग किया जाएगा। सत्ता और विपक्ष दोनों चलते रहेंगे, लेकिन यह मुद्दा राजनीति से हटकर है, क्योंकि यह प्रदेश में चिंता का विषय है। सभी को इसके खिलाफ चलाए अभियान में जुड़ना होगा। जनता ने जिस प्रकार स्वच्छता के अभियान को जन आंदोलन बनाया था, उसी तरह अब चिट्टा के खिलाफ भी जनता सहयोग करे। उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा कार्यकाल में ज्वाइंट इंफॉर्मेशन ऑपरेशन की आवश्यकता थी और इसे शुरू किया था।