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हिमाचल: डिजिटल अरेस्ट करके सेवानिवृत्त अफसर से 1.18 करोड़ रुपये की ठगी, साइबर ठगों ने ऐसे बनाया शिकार

Sat, 03 Jan 2026 12:11 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

शिमला में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट करके सेवानिवृत्त अधिकारी से 1.18 करोड़ रुपये ठग लिए। 
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डिजिटल अरेस्ट - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट करके सेवानिवृत्त अधिकारी से 1.18 करोड़ रुपये ठग लिए। पीड़ित को वीडियो कॉल के जरिए खुद को सीबीआई अधिकारी बताने वाले शख्स ने गंभीर अपराधों में फंसाने की धमकी दी और तत्काल गिरफ्तारी का डर दिखाया। डर के जाल में फंसकर पीड़ित ने अपनी मेहनत की कमाई साइबर ठगों के खातों में ट्रांसफर कर दी।

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ठगों ने पीड़ित से ऐसे किया संपर्क
शिकायत के अनुसार ठगों ने फोन और ऑनलाइन माध्यम से पीड़ित से संपर्क किया। उन्होंने पीड़ित को कहा कि आपका नाम मनी लॉन्ड्रिंग, नशीले पदार्थों की तस्करी और बैंक खातों के दुरुपयोग जैसे मामलों में सामने आया है। यदि तुरंत सहयोग नहीं किया गया तो आपकी गिरफ्तारी के साथ-साथ बैंक खाते फ्रीज किए जाएंगे और सामाजिक बदनामी भी तय है। ठगों ने पीड़ित को यह कह डराया कि आपको डिजिटल सर्विलांस में रखा गया है। पीड़ित को सख्त हिदायत दी गई कि वह किसी भी परिजन, मित्र या सरकारी एजेंसी से संपर्क न करें। लगातार धमकियों और दबाव के चलते पीड़ित घबरा गया और ठगों के निर्देशों का पालन करता चला गया। ठगों ने कथित जांच प्रक्रिया का हवाला देकर पीड़ित से कहा कि अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए रकम सरकारी खातों में ट्रांसफर करनी होगी। बाद में ये खाते म्यूल (फर्जी) अकाउंट निकले, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराध में किया जाता है। इस तरह पीड़ित को 1.18 करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगी।

पुलिस ने किया आगाह
  1. डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है
  2. ऐसी कॉल आने पर घबराएं नहीं, तुरंत काटें
  3. किसी भी दबाव में पैसे ट्रांसफर न करें
  4. ओटीपी, बैंक डिटेल, आधार और पैन साझा न करें
  5. तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें
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सेवानिवृत्त अधिकारी से डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। शिमला साइबर थाने में इसे लेकर केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। -रोहित मालपानी, पुलिस अधीक्षक, साइबर क्राइम

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