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हिमाचल: गांव में तीन, शहर में चार गुना बढ़ा प्लॉट-फ्लैट का पंजीकरण शुल्क, नई दरें लागू

Wed, 07 Jan 2026 09:59 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

प्रदेश सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए परियोजनाओं के पंजीकरण शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। 
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हिमाचल सरकार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए परियोजनाओं के पंजीकरण शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। यह संशोधन रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 की धारा 84 के तहत किया गया है। शहरी आवास विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) संशोधन नियम 2025 को राजपत्र में प्रकाशित होने की तिथि से लागू माना जाएगा। इसके तहत रेरा पंजीकरण के लिए नियम-3 में बदलाव करते हुए परियोजनाओं के लिए नई शुल्क दरें तय की गई हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं।

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ये रहेंगी नई दरें
संशोधित नियमों के तहत अब प्रमोटर को परियोजना के पंजीकरण के समय डिमांड ड्राफ्ट या ऑनलाइन माध्यम से शुल्क जमा करना होगा। ग्रामीण में घरेलू प्लॉट डेवलपमेंट के लिए पंजीकरण शुल्क 10 से बढ़ाकर 30 रुपये प्रति वर्ग मीटर और शहरी क्षेत्रों में 40 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया है। वाणिज्यिक प्लॉट डेवलपमेंट के लिए पंजीकरण शुल्क ग्रामीण क्षेत्र में 20 से बढ़ाकर 60 रुपये और शहरी क्षेत्र में 80 रुपये प्रति वर्ग मीटर होगा। मिश्रित (आवासीय व वाणिज्यिक) प्लॉट प्रोजेक्ट के लिए शुल्क 15 से बढ़ाकर ग्रामीण में 45 और और शहरी क्षेत्र में 60 रुपये प्रति वर्ग मीटर होगा।
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आवासीय फ्लैट डेवलपमेंट के लिए पंजीकरण शुल्क
आवासीय फ्लैट डेवलपमेंट के लिए पंजीकरण शुल्क ग्रामीण क्षेत्र में 10 से बढ़ाकर 30 रुपये और शहरी में 40 रुपये प्रति वर्ग मीटर (निर्मित क्षेत्र के अनुसार) होगा। वाणिज्यिक फ्लैट प्रोजेक्ट के लिए ग्रामीण क्षेत्र में यह शुल्क 20 से बढ़ाकर 60 रुपये और शहरी क्षेत्र में 80 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है। मिश्रित उपयोग वाली फ्लैट परियोजनाओं के लिए शुल्क 15 से बढ़ाकर ग्रामीण क्षेत्र में 45 रुपये और शहरी क्षेत्र में 60 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है। राज्य सरकार का कहना है कि संशोधित शुल्क दरों से रेरा के तहत नियामक व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।
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