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हिमाचल: रामपुर के सरपारा में आपदा प्रभावितों को दस महीने के बाद भी नहीं मिला स्थायी ठिकाना

Mon, 24 Jun 2024 11:50 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मोहन मेहता/ईशिका गौतम

सार

पंचायत सरपारा के आपदा प्रभावित कांधार और रामपुर नप के कल्याणपुर वार्ड में रहने वाले लोग आठ महीने बाद भी खतरे के साये में जीने को मजबूर हैं। 
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आपदा प्रभावितों को दस महीने के बाद भी नहीं मिला स्थायी ठिकाना - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के उपमंडल रामपुर की दुर्गम पंचायत सरपारा के आपदा प्रभावित कांधार और रामपुर नप के कल्याणपुर वार्ड में रहने वाले लोग आठ महीने बाद भी खतरे के साये में जीने को मजबूर हैं। अब बरसात का मौसम आने वाला है और बीते वर्ष के नुकसान की भरपाई नहीं हो पाई है। कांधार के बाढ़ प्रभावितों ने सरकार से सुरक्षित जगह तलाश कर दूसरी जगह में बसाने की मांग की थी, लेकिन अभी तक यह मांग सिरे नहीं चढ़ पाई है। कांधार गांव में बाढ़ के बाद पड़ीं दरारों से ग्रामीणों के ऊपर खतरा मंडरा रहा है।

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 गौरतलब है कि बीते वर्ष 25 जुलाई को कांधार गांव में बादल फटने से कई परिवारों के घर और पशु बाढ़ में बह गए थे। बाढ़ में लोगों के बगीचे, जमीन और रास्ते भी बह गए थे। दर्जनों परिवारों के घर क्षतिग्रस्त होने से गिरने के कगार पर हैं। कांधार गांव में बादल फटने से आई बाढ़ में बहे छह परिवारों को राहत के रूप में सात-सात लाख की राशि तो बांटी, लेकिन मकान मालिकों को प्रदेश सरकार ने कोई राहत राशि नहीं दी। सरकार ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त रास्तों की भी अब तक सुध नहीं ली और ग्रामीण टूटे रास्तों पर खतरे के साये में चलने को मजबूर हैं। 

बेघर हुए कांधार निवासी सुरेंद्र, रमेश, नरेंद्र लाल, मोहन भांडिया, सुभाष और गोपाल ने बताया कि उन्हें नया घर बनाने के लिए सरकार ने कुछ राहत दी, लेकिन मकान बनाने के लिए सरकारी रेट पर सीमेंट उपलब्ध नहीं कराया गया है। सरकार ने लोगों को सुरक्षित जगह बसाने की बात कही थी, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया है। अब दोबारा बरसात आने वाली है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से उचित कार्य नहीं हो पाए हैं। गांव में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ी हैं। बरसात में यदि दरकी हुई पहाड़ी गिरीआतो सारा गांव तबाह हो सकता है। सरपारा पंचायत के प्रधान मोहन कपाटिया ने बताया कि गांव को दूसरी जगह बसाने की योजना तो थी, लेकिन वह अभी पूर्ण नहीं हो पाई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 70 परिवारों को मकान बनाने के लिए डेढ़-डेढ़ लाख की राशि स्वीकृत हुई है। संवाद
 

कल्याणपुर में हुआ था अधिक नुकसान
बीते वर्ष भारी बरसात के कारण रामपुर नगर परिषद के वार्ड एक कल्याणपुर में भी खासा नुकसान हुआ था। भारी बरसात के कारण जहां भूमि के धंसने की स्थित पैदा हो गई है, वहीं वार्ड के रास्ते, सीवरेज लाइन और डंगों को नुकसान पहुंचा था। आपदा के बाद से अब तक वार्ड में रहने वाले लोग खौफजदा हैं। वार्ड के लोगों ने कई बार प्रशासन से राहत कार्यों को जल्द करने की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक नामात्र के काम हो पाए हैं। 

बरसात से पहले शुरू हो राहत कार्य
वार्ड में रहने वाली शांति ने कहा कि बीते वर्ष बरसात से वार्ड में करोड़ों का नुकसान हुआ था। जगह-जगह रास्ते और डंगे गिर गए थे। उन्होंने प्रशासन से बरसात शुरू होने से पहले राहत कार्यों को पूरा करने की मांग की है।

पिप्टी मोड़ का रास्ता क्षतिग्रस्त 
सुनील मेहता ने कहा कि पिप्टी मोड़ से इंदिरा मार्केट का रास्ता पूरा क्षतिग्रस्त हो गया है। इस रास्ते से रोजाना हजारों लोगों का आना जाना रहता है। स्कूली बच्चे, कर्मचारी और आम जनता खतरों के साये में चलने को मजबूर हैं। 
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आपदा से निपटने काे प्रशासन तैयार
लोगों ने अपने-अपने हिसाब से दूसरी जगह मकान बनाए हैं। दूसरे स्थान पर गांव को बसाने के लिए जगह की आवश्यकता है। वहीं रास्ते, पानी और बिजली की व्यवस्था करवाना संबंधित विभाग का काम है। भविष्य में यदि कोई आपदा की आशंका होगी तो उससे निपटने के लिए प्रशासन तैयार है। -जय चंद, तहसीलदार रामपुर
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