राजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष इंद्र ठाकुर ने कहा कि कमेटियां बनाने की बात की गई है, सबको मालूम है कि सरकार का यह अंतिम वर्ष है और कमेटियां बनती हैं। यह सदा से ऐसा ही होता आया है। बाद में उनका कोई औचित्य नहीं रह जाता है।
राजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष इंद्र ठाकुर ने जेसीसी की बैठक को कर्मचारियों के साथ मजाक बताया है। उन्होंने कहा कि शनिवार को हुई बैठक में जेसीसी का औचित्य ही खत्म कर दिया है। राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ के नेताओं ने कहा कि जेसीसी बैठक में मुख्यमंत्री का भाषण नहीं होता था, बल्कि इसमें एजेंडे पर चर्चा की जाती थी। सरकार का पक्ष मुख्यमंत्री रखते थे।
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यह बैठक सचिवालय के सम्मेलन हाल में होती थी, जिसे बदलकर पीटरहॉफ में कर दिया गया। बैठक में मुख्यमंत्री से स्पीच करवाई गई। कोई एजेंडा डिस्कस नहीं किया गया। यह कर्मचारियों के साथ छलावा करने का षड्यंत्र था। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में पे कमीशन लागू करने की बात कही है, लेकिन कौन सा पे कमीशन लागू किया जाएगा, इस बारे में स्पष्ट नहीं बताया। दो वर्ष अनुबंध अवधि भाजपा का विजन डॉक्यूमेंट था और जेसीसी का मुद्दा नहीं था।
उन्होंने कहा कि कमेटियां बनाने की बात की गई है, सबको मालूम है कि सरकार का यह अंतिम वर्ष है और कमेटियां बनती हैं। यह सदा से ऐसा ही होता आया है। बाद में उनका कोई औचित्य नहीं रह जाता है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की बात करती, कांट्रेक्ट को समाप्त करने की बात करती, सेवा नियमों में बदलाव करती और ग्रीष्मकालीन भत्ते की घोषणा करती तो कर्मचारी सरकार का स्वागत करते। यह फ्रंट तो सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने के लिए बनाया गया था।