पर्यटन नगरी मनाली में देश के विभिन्न राज्यों के हजारों सैलानी फंस गए हैं। सभी होटलों में सुरक्षित हैं। मनाली का संपर्क जिला मुख्यालय कुल्लू, लाहौल समेत देशभर से कट गया है। ब्यास नदी की चपेट में आने से हाईवे तीन जगह-जगह से बह गया है। उधर, मंडी का पंडोह बाजार ब्यास नदी में आई बाढ़ में जलमग्न हो गया है। बाढ़ से प्रभावित दर्जनों परिवारों के करीब 110 सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
बाढ़ के बीच एक घर में फंसे छह लोगों को एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला। 16 घर खाली करवा गए। जानकारी के अनुसार रविवार सुबह पंडोह डैम से छोड़े गए पानी के बाद ब्यास नदी में बाढ़ गई। पानी के सैलाब ने सबसे पहले नदी के किनारे बने घरों को अपनी चपेट में लिया। देखते ही देखते आधा पंडोह बाजार बाढ़ की चपेट में आ गया। पंडोह बाजार में कई फीट तक पानी भर गया।
दुकानों के अलावा घरों में घुसे पानी से भारी नुकसान हुआ है। दोपहर बाद ब्यास का जलस्तर बढ़ने पर पर आनन-फानन में 16 घरों को खाली करवाकर यहां रह रहे करीब 50 लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया। शाम के समय करीब 60 और लोगों को शिफ्ट किया गया है। इनमें से कुछ प्राथमिक पाठशाला पंडोह और कुछ अपने रिश्तेदारों के पास भेज दिए गए हैं। उधर, एसडीएम सदर ओमकांत ठाकुर ने बताया कि बाढ़ की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।
नगवाईं में बीस घंटे से फंसे हुए हैं छह मजदूर
ब्यास नदी के तेज बहाव के बीच करीब 20 घंटे से पॉलीहाउस में काम कर रहे छह मजदूर फंस गए हैं दिनभर मजदूरों को रेस्क्यू करने के लिए प्रयास जारी रहे। एयरफोर्स से भी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाले के लिए मदद मांगी गई, लेकिन खराब मौसम बाधा बना रहा। एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया है। एडीएम मंडी अश्वनी कुमार के अनुसार मजदूरों को निकालने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
तीन घंटे पानी के बीच घर में फंसी रहीं छह जानें
पंडोह में तीन घंटे तक छह जानें पानी के बीच घर में फंसी रहीं। सुबह छह बजे से घर में फंसे इन लोगों को करीब नौ बजे सुरक्षित निकाला गया। एसडीआरएफ की टीम ने रेक्स्यू अभियान चलाकर इन्हें सीढि़यों के सहारे बाहर निकाला गया।
पुलिस का हाई अलर्ट, जरूरी न हो तो घरों से न निकलें
हिमाचल में मूसलाधार बारिश के चलते हिमाचल पुलिस ने हाई अलर्ट जारी किया है। कहा कि अनावश्यक घरों से न निकलें। पर्यटकों और लोगों को सफर करना जोखिम भर हो सकता है। पुलिस मुख्यालय ने जिला पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने को कहा है। सहायता के लिए पुलिस कक्ष स्थापित किया गया है। 112 नंबर पर लोग मदद मांग सकते हैं।