दूसरी ओर मैदानी जिलों में बढ़ी उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। रामपुर खंड के दुर्गम क्षेत्र 15/20 में गानवी खड्ड में वाहनों को पार करने के लिए आरसीसी पाइप से बनाया गया अस्थायी पुल बह गया। इससे पंचायत गानवीं, कूट, क्याव का संपर्क कट गया है। पर्यटन विभाग कुल्लू ने ब्यास में राफ्टिंग गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी है। चंबा-तीसा मुख्य मार्ग पर रखालू मंदिर के समीप भूस्खलन ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया।
पहाड़ी से गिरी विशाल चट्टानों ने सड़क को बंद कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोक निर्माण विभाग की टीम ने शाम साढ़े चार बजे मार्ग को बहाल किया। न्याग्रां-बजोल-गरोंदा सड़क भी करीब पांच घंटे तक बंद रही। बारिश के कारण जलशक्ति विभाग की तीसा और भटियात उपमंडलों की 12 पेयजल योजनाएं प्रभावित होने से कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। चुराह उपमंडल की कल्हेल-बंजली-रैला सड़क पर थलान के कुठलु स्थान पर लोक निर्माण विभाग ने शुक्रवार को सड़क सुरक्षा के लिए डंगा तैयार किया था, लेकिन निर्माण के कुछ घंटों बाद ही देर रात यह ढांचा ध्वस्त हो गया।