राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक।
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केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं लागू करने में हिमाचल प्रदेश के निजी बैंक फिसड्डी साबित हो रहे हैं। शुक्रवार को राजधानी शिमला में हुई राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 171वीं बैठक में इस बाबत चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य सरकार के विशेष सचिव वित्त रोहित जम्बाल ने निजी बैंकों के प्रतिनिधियों को इस मामले में लताड़ भी लगाई। उन्होंने कहा कि तीन माह बाद होने वाली समिति की बैठक तक अगर निजी बैंकों की कार्यप्रणाली नहीं सुधरी तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान बताया गया कि अटल पेंशन योजना, मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना, पीएम स्वनिधि योजना में निजी बैंकों का प्रदर्शन काफी निराशाजनक है।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक इन योजनाओं को सफलतापूर्वक चला रहे हैं। विशेष सचिव वित्त ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को लेकर गंभीर नहीं होने वाले निजी बैंकों को चिह्नित किया जाएगा। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, वित्त मंत्रालय और इन निजी बैंकों के मुख्यालयों को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी। बैठक में अंचल प्रमुख यूको बैंक शिमला प्रदीप आनंद केशरी, भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक आरएस अमर, नाबार्ड से विभागीय प्रमुख विवेक पठानिया ,राज्य स्तरीय बैंकर समिति की प्रभारी कुसुम गुप्ता मौजूद रहे।
बैंकों ने प्राथमिकता क्षेत्र के लक्ष्यों को 71.00 फीसदी प्राप्त किया
उधर, दिसंबर 2023 तिमाही के लिए बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा करते यूको बैंक के कार्यकारी निदेशक राजेंद्र कुमार साबू ने कहा कि आर्थिक स्तर पर वित्तीय वर्ष 2023-24 में अच्छे परिणाम सामने आए हैं। पिछली तिमाही की तुलना में बैंकों ने जमा राशि में 1852 करोड़ रुपये और अग्रिमों में 4084 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। बैंकों ने प्राथमिकता क्षेत्र के लक्ष्यों को 71.00 फीसदी प्राप्त किया है।