राशन डिपुओं में उपभोक्ताओं को दी जाने वाली दालों में बदलाव करने जा रही है। बीते चार सालों से डिपुओं में मलका, माश और चना दाल दी जा रही है। अब राजमा और रौंगी देने पर विचार किया जा रहा है।
हिमाचल प्रदेश सरकार राशन डिपुओं में उपभोक्ताओं को दी जाने वाली दालों में बदलाव करने जा रही है। बीते चार सालों से डिपुओं में मलका, माश और चना दाल दी जा रही है। अब राजमा और रौंगी देने पर विचार किया जा रहा है। सरकार ने खाद्य आपूर्ति निगम को इस बारे में लोगों से सुझाव आमंत्रित करने के आदेश जारी किए हैं। सरकार का मानना है कि एक ही तरह की दालें खाने से उपभोक्ता ऊब चुके होंगे। ऐसे में दालें बदलने के लिए लोगों की राय मांगी गई है।
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हिमाचल में 19 लाख राशनकार्ड परिवार हैं। प्रदेश सरकार राशनकार्ड उपभोक्ताओं को तीन किलो दालें, दो लीटर सरसों तेल, रिफाइंड और 500 ग्राम प्रति व्यक्ति चीनी और एक किलो नमक दे रही है। सरकार इन सभी खाद्य वस्तुओं पर 30 से 35 रुपये तक सब्सिडी दे रही है। आटा और चावल केंद्र सरकार सब्सिडी पर उपलब्ध करवा रही है। उधर, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेंद्र गर्ग ने बताया कि दालें बदलने पर विचार चल रहा है। जनता से सुझाव मांगे गए हैं कि उन्हें कौन से दालें पसंद हैं। काफी अरसे से दालें नहीं बदली गई हैं।
विभाग को दिए सैंपल लेने के निर्देश
प्रदेश सरकार ने विभाग के अधिकारियों को राशन डिपुओं से सैंपल लेने के निर्देश दिए हैं। राशन में गड़बड़ी न हो, इसके लिए सैंपल की जांच करने के लिए कहा गया है। बीते चार महीनों में भी चीनी और नमक के सैंपल फेल हो चुके हैं।