सार
हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज अगले कुछ दिनों तक बदलता रहेगा। कहीं हल्की से मध्यम बारिश होगी, तो ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 3-4 दिनों में कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 2-3 डिग्री तक बढ़ सकता है, जबकि 9 और 13 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर आंधी और बिजली चमकने की आशंका है।
हिमाचल प्रदेश में अक्तूबर के मौसम का मिजाज एक जैसा नहीं रहने वाला है। एक ओर प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, वहीं दूसरी ओर अगले कुछ दिनों में दिन का तापमान धीरे-धीरे बढ़ सकता है। यानी पहाड़ों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के आसार के बीच मैदानी इलाकों में गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम केंद्र शिमला की 9 अक्तूबर 2026 को दोपहर 1 बजे जारी दैनिक मौसम बुलेटिन के अनुसार, अगले सात दिनों के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है। 9 और 13 अक्तूबर को कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली चमकने को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है।
3.6 डिग्री तक गिरा पारा, ऊना में 33 डिग्री तापमान
प्रदेश के मौसम में ऊंचाई के साथ तापमान का बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। मौसम बुलेटिन के अनुसार, 9 अक्टूबर को कल्पा में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि इससे एक दिन पहले ऊना में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहा। यह अंतर बताता है कि हिमाचल में एक ही समय पर ऊंचे पहाड़ी इलाकों में ठंड का असर काफी अधिक है, जबकि निचले और मैदानी क्षेत्रों में दिन के समय गर्मी महसूस हो सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक, ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 3 से 9 डिग्री, मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में 9 से 17 डिग्री और निचले पहाड़ी व मैदानी इलाकों में 13 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। वहीं अधिकतम तापमान ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में 14 से 22 डिग्री, मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में 21 से 29 डिग्री और निचले इलाकों में 26 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
9 और 13 अक्टूबर को आंधी-बिजली का खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 9 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली चमकने की संभावना है। 10, 11 और 12 अक्टूबर के लिए राज्य स्तर पर कोई विशेष आंधी-बिजली चेतावनी नहीं दी गई है। हालांकि, 13 अक्टूबर को फिर कुछ स्थानों पर मौसम खराब होने की आशंका जताई गई है।
जिलावार चेतावनी में 9 अक्टूबर के लिए मंडी, शिमला और सिरमौर के कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान या बिजली चमकने की संभावना बताई गई है। 13 अक्टूबर को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर के कुछ स्थानों पर ऐसी स्थिति बन सकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि इन जिलों के सभी इलाकों में मौसम खराब होगा। चेतावनी कुछ स्थानों के लिए है, इसलिए स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखना जरूरी है।
13 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी का कैसा रहेगा ट्रेंड?
मौसम विभाग के पांच दिवसीय जिलावार पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
- ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर: कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना।
- कांगड़ा और मंडी: कई दिनों में हल्की बारिश के आसार, जबकि कुछ दिनों में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है।
- शिमला, सोलन और सिरमौर: हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
- कुल्लू और चंबा: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी के आसार।
- किन्नौर और लाहौल-स्पीति: ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना।
- यह पूर्वानुमान अलग-अलग स्थानों के लिए है। इसका अर्थ पूरे जिले में एक समान बारिश होना नहीं है।
बारिश के बाद भी बढ़ सकता है दिन का तापमान
आमतौर पर बारिश के बाद ठंड बढ़ने की उम्मीद की जाती है, लेकिन इस बार मौसम विभाग ने तापमान को लेकर अलग संकेत दिया है। बुलेटिन के अनुसार, अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले 3-4 दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। वहीं अगले 3-4 दिनों तक न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। ऐसे में सुबह और रात की ठंड तथा दिन के अपेक्षाकृत गर्म मौसम का अंतर बना रह सकता है।
किसानों और पहाड़ों में सफर करने वालों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने आंधी-तूफान, बिजली और तेज हवाओं की स्थिति में सावधानी बरतने की सलाह दी है। ऐसी परिस्थितियों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है और कमजोर ढांचे, झोपड़ियों, छतों या ढीली वस्तुओं पर असर पड़ सकता है।
- बिजली चमकने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
- कंक्रीट के फर्श पर न लेटें और कंक्रीट की दीवारों के सहारे खड़े न हों।
- खराब मौसम में खुले स्थानों पर गतिविधियां कम रखें और सुरक्षित जगह पर रहें।
- तेज हवा में उड़ने वाली वस्तुओं और मलबे से सावधान रहें।
- पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर जांचें।