प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने सोलंगनाला के 10,500 फीट ऊंचे फातरू टेकऑफ प्वाइंट से पहली बार पैराग्लाइडिंग उड़ान भी भरी। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से साहसिक खेलों को बढ़ावा मिलने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी नई पहचान मिलती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार साहसिक खेलों के क्षेत्र में 1,500 युवाओं को प्रशिक्षण दे रही है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये युवा भविष्य में साहसिक खेलों के आयोजन और तकनीकी सहायता के क्षेत्र में योगदान दे सकेंगे।
राजेश धर्माणी ने मनाली पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन को भविष्य में भी इस तरह की छोटी-बड़ी प्रतियोगिताएं आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से ऐसे आयोजन होने से मनाली में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और साहसिक खेलों के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं विकसित होंगी। इस अवसर पर मनाली के विधायक भुवनेश्वर गौड़ भी मौजूद रहे।