हाल ही में हुए उपचुनाव के बाद धर्मशाला के तपोवन में हो रहे विधानसभा के शीत सत्र के दूसरे दिन शनिवार को भी विपक्ष ने जोरदार हंगामा कर सदन से वाकआउट कर दिया। सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री व जगत सिंह नेगी समेत सभी कांग्रेस विधायकों ने प्रश्नकाल स्थगित कर पुलिस कांस्टेबलों के संशोधित पे बैंड से जुड़े विषय पर चर्चा की मांग कर दी। उनका कहना था कि यह बेहद गंभीर विषय है। हमारी सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मी असंतुष्ट हैं और सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही।
हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने नियमों का हवाला देते हुए स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया। अध्यक्ष के रूलिंग देने के दौरान ही कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। बात न बनने पर वह पहले वेल में पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और फिर सदन से वाकआउट कर गए। कांग्रेस विधायकों का कहना था कि सरकार पुलिस कर्मियों की मांग को नजरंदाज कर रही है। साफ है कि सरकार पुलिस कर्मियों के हित में फैसला नहीं लेना चाहती।
वीरभद्र सरकार की गलती को सुधारेगी भाजपा सरकार : भारद्वाज
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि साल 2015 में कांग्रेस की तत्कालीन वीरभद्र सरकार ने ही भर्ती नियमों में बदलाव से छेड़छाड़ कर गड़बड़ी की थी। इसे वर्तमान भाजपा सरकार दुरुस्त करेगी। खुद की गलती को दूसरे पर थोपना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि अभी भी पुलिस कर्मी 2013 से पहले की प्रो. प्रेम कुमार धूमल सरकार की स्थिति को लागू करने की मांग कर रहे हैं। पीठ की गरिमा को ठेस पहुंचाने पर कड़ा एतराज जताते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष पहले दिन से ही कैजुअली काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह सत्र जनता के दिए पैसे से चलता है। कांग्रेस प्रश्नकाल का इस तरह से अपमान कर जनता के पैसे की बर्बादी कर रही है।
पुलिस कर्मियों में असंतोष, विद्रोह जैसे हालात: नेगी
विधानसभा सत्र के दूसरे दिन सुबह करीब साढ़े 11 बजे विपक्ष ने वॉकआउट किया और सदन से बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस विधायक दल के चीफ व्हिप जगत सिंह नेगी ने कहा कि पुलिस कर्मियों में असंतोष के कारण प्रदेश में कहीं विद्रोह जैसे हालात न पैदा हो जाएं। कहा कि सरकार पुलिस कर्मचारियों के परिजनों पर दर्ज मुकदमे वापस ले। शांतिपूर्वक मांग करने आए पुलिस जवानों के परिजनों पर कार्रवाई गलत है। जब सरकार से सदन में चर्चा कराने की मांग की गई तो उन्होंने चर्चा नहीं की। सरकार चार सालों से पुलिस कर्मियों को ठगने का काम कर रही है।
भाजपा सरकार अंग्रेजों से भी अधिक तानाशाह हो गई है। आरोप लगाया कि दिल्ली की संसद में मोदी और विधानसभा में जयराम किसी भी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा नहीं होने देते हैं। फिर बाहर आकर कहते हैं कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं। आरोप लगाया कि सरकार जबरदस्ती पुलिस कर्मियों को मेस का खाना खाने के लिए मजबूर कर रही है। कपड़े धोने के लिए भी भत्ता कम दिया जा रहा है।